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Maharashtra Viral Video: महाराष्ट्र में मंदिर प्रवेश विवाद में महिला को अर्धनग्न घुमाने के मामले में 7 लोगों पर केस दर्ज, 3 गिरफ्तार

Women Assault Case: महाराष्ट्र के उल्हासनगर में महिलाओं से कथित बदसलूकी और अर्धनग्न घुमाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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महाराष्ट्र वायरल वीडियो में महिलाओं को अर्धनग्न घुमाने के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Temple Dispute: महाराष्ट्र के उल्हासनगर के विट्ठल वाडी इलाके से एक बहुत शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां महिलाओं के साथ हैवानियत की गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में महिला मारपीट का शिकार होती दिखाई दे रही हैं। इस मामले में आरोप है कि महिला के कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न किया गया, बाल काटे गए और चप्पलों की माला पहनाकर इलाके में घुमाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।

मंदिर में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद

उल्हासनगर के एसीपी शैलेश काले के अनुसार यह पूरा विवाद एक ही समुदाय के दो परिवारों के बीच मंदिर में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ था। दोनों परिवारों के बीच पहले कहासुनी हुई, लेकिन बाद में यह कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला ने ऐसा मोड़ ले लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

देवी-देवताओं के अपमान के आरोप के बाद बढ़ा विवाद

ठाणे पुलिस के अनुसार महिला और आरोपी दोनों वाघरी समुदाय से हैं और गुब्बारे बेचने का काम करते हैं। आरोपी महिला के रिश्तदार बताए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महिला ने उनके देवी-देवताओं के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक बातें कही थीं। इसके बाद उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया। उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक शंकर अवताडे ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें जानबूझकर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी, गैरकानूनी जमावड़ा और शांति भंग करने जैसी धाराएं शामिल हैं। लिस फिलहाल मामले में लगे आरोपों की जांच कर रही है और पूरे विवाद की सच्चाई जानने के लिए दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।