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‘BJP शिंदे सेना को खत्म करना चाहती है’ अब्दुल सत्तार के बगावती तेवर, फडणवीस और शिंदे ने बुलाई आपात बैठक

Abdul Sattar Accuses BJP: महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव के बीच महायुति में बड़ी दरार सामने आई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता अब्दुल सत्तार ने भाजपा पर पार्टी को खत्म करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद शिंदे और फडणवीस ने आज शाम आपात बैठक बुलाई है।

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देवेंद्र फडणवीस-एकनाथ शिंदे का नेताओं को मुंबई आने का आदेश

Maharashtra MLC Election : महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के चलते सत्तारूढ़ महागठबंधन (महायुति) के अंदर जो कलह लंबे समय से चल रहा था अब वह चौराहे पर आ गई है। दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर-जालना स्थानीय निकाय सीट पर महायुति के अंदर दरार के साफ संकेत मिल रहे हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कद्दावर नेता और मंत्री अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल कर बगावत का बिगुल फूंक दिया है। यही नहीं, अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी भाजपा पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

'भाजपा हमारा सिर कलम करना चाहती है'

आपको बता दें कि सीटों के बंटवारे के तहत छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट भाजपा के खाते में गई है, जहां से भाजपा ने सुहास शिरासात को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले से आगबबूला अब्दुल सत्तार ने भाजपा पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि भारतीय जनता पार्टी के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और उनकी शिवसेना को पूरी तरह से खत्म करने की साजिश रच रही है। भाजपा अपने ही सहयोगी दल का सिर कलम करने पर आमादा है। वे गुवाहाटी में हमारे द्वारा दिए गए बलिदान को पूरी तरह भूल चुके हैं। पहले उन्होंने हमारे अंग तोड़े थे और अब सीधे हमारा सिर काट दिया है।'

अब्दुल सत्तार यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए आगे कहा, 'अगर हमारा बड़ा भाई (भाजपा) जिले में शिवसेना को दो फाड़ करके, एक गुट का समर्थन और दूसरे के साथ सरेआम अन्याय करके हमें बर्बाद करने पर तुला है, तो हमारे पास भी अब विद्रोह के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।'

शिंदे और फडणवीस ने संभाला मोर्चा

अब्दुल सत्तार के इन बेहद आक्रामक और विवादास्पद बयानों ने महायुति सरकार के भीतर भारी उथल-पुथल मचा दी है। इस बयानबाजी से भाजपा खेमे और शीर्ष नेताओं में गहरी नाराजगी है। हालात को हाथ से निकलता देख एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए दोनों शीर्ष नेताओं ने आज शाम मुंबई में अब्दुल सत्तार को एक 'आपातकालीन बैठक' के लिए तलब किया है।

क्या टल जाएगी बगावत? 4 जून पर टिकी निगाहें

विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 4 जून है। इस डेडलाइन से पहले मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हर हाल में इस विवाद को सुलझाना चाहते हैं। आज शाम होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अब्दुल सत्तार को उनके बेटे समीर सत्तार की बगावत (उम्मीदवारी) वापस लेने के लिए राजी करने और उनकी शिकायतों का समाधान निकालने पर सीधी चर्चा होगी।