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‘जो हिंदुओं को जलाता है, सनातनियों को जिंदा मारता है’, अनिरुद्धाचार्य महाराज बोले- खुद को भगवान समझते हैं बॉलीवुड के लोग

Aniruddhacharya Maharaj News: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने शाहरुख खान और बॉलीवुड पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत की जनता ही उन्हें सुपर-डुपर स्टार बनाती है, जबकि उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है।

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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा। फोटो सोर्स (IANS)

Aniruddhacharya Maharaj News: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को 9 करोड़ में खरीदने के बाद बवाल हो रहा है। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बाद BCCI ने KKR को बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने विरोध जताते हुए पूरे बॉलीवुड पर निशाना साधा है।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बॉलीवुड पर साधा निशाना

बॉलीवुड को लेकर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा, "बॉलीवुड के लोग खुद को भगवान समझते हैं। उन्हें लगता है कि वे जो भी करें, कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता क्योंकि बॉलीवुड बहुत ताकतवर है। उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है, इसलिए उनमें घमंड भरा है कि कोई उन्हें छू नहीं सकता। वे खुलेआम गुटखा और शराब का प्रचार करते हैं। वे समाज को अनैतिकता की शिक्षा देते हैं। वे सिगरेट, गुटखा और जुए को बढ़ावा देते हैं। क्या सच में कोई उन्हें रोक पाया है? किसने उन्हें नुकसान पहुंचाया है? बॉलीवुड का मतलब है ताकत। वे खुद में ही ताकतवर लोग हैं। आप और मेरे जैसे आम लोग क्या कर सकते हैं?''

BCCI द्वारा KKR को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने के निर्देश पर उन्होंने कहा, "हम यहां कहते हैं, 'सह खेलती, खड़ी सखा।' जो आपके साथ खेलता है, आपके साथ खाता है, वही मित्र है। हमारा मित्र कौन है? जो हमारे हिंदुओं को जलाता है, जो हमारे सनातनियों को दिनदहाड़े जिंदा मारता है।''

'हम उनके साथ क्रिकेट क्यों खेलें?'

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, ''आज ही मैंने एक घटना सुनी कि एक बच्चे को पीट-पीटकर मार डाला गया। जो हमारे हिंदुओं से इतनी नफरत करते हैं, जो हमारे सनातनियों से इतनी नफरत करते हैं, हम उनके साथ क्रिकेट क्यों खेलें? जो खरीददारी कर रहे हैं, उनसे सवाल होना चाहिए। आप 9 करोड़ में खरीददारी कर रहे हैं? ठीक है, आपके पास पैसा है, लेकिन क्या आप उन्हें यह नहीं समझा सकते कि हम भारत के लोग हैं, भारत के लोगों ने ही हमें हमारा नाम दिया है? आप भारत के हिंदुओं को जिंदा जला रहे हैं। भारत से पैसा कमाकर, आप उन लोगों को पैसा भेज रहे हैं जो हिंदुओं से घोर नफरत करते हैं।''

'उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है'

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने आगे कहा, '' फिल्म उद्योग की भूमिका क्या है? वे भारत की जनता को अपनी फिल्में बेचकर पैसा कमाते हैं और फिर उस धन को अन्यत्र बांट देते हैं। भारत की जनता ही उन्हें सुपर-डुपर स्टार बनाती है, जबकि उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है। क्या यह हमारे साथ धोखा नहीं है? यह छल है। आपने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है और उनके भरोसे को तोड़ा है। इसे विश्वासघात कहते हैं।''