बांदाखेड़ी मदरसा जांचने पहुंचा अमला, 15 कमरे, दिखाए सिर्फ पांच, स्कूल की ली मान्यता -मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग का दौरा, निरीक्षण के साथ जिले की समीक्षा की
मंदसौर.मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अमला जिले के प्रवास पर है। बांदाखेड़ी गांव में अमला जब मदरसा देखने पहुंचा तो चौकाने वाला खुलासा हुआ। मोईनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम से स्कूल की मान्यता के साथ मदरसा भी चल रहा है। यहां दर्ज बच्चियों से अधिक छात्राओं के सामान तो मिले लेकिन छात्राएं एक भी यहां नहीं मिली। और न हीं संचालक उनसे जुड़े दस्तावेज व रेकॉर्ड दिखा पाए।
आयोग के सदस्यों को संचालक ने छात्राओं का स्कूल होने की बात कही लेकिन मान्यता दोनों की दिखा रही है। ऐसे में आयोग ने जब पूछा कि इतनी बच्चियों के सामान है तो बच्चियां कहा तो यहां किसी के पास जवाब नहीं था। इस पर बड़ी गड़बड़ी की आशंका पर आयोग की अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मामले की जांच करने के लिए कहा।
स्कॉलर में 76, पोर्टल पर 36, मौके पर 100 से अधिक के सामान
मंदसौर जिले के बांदाखेड़ी में मोईनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम से स्कूल है। यहां लंबे समय से मदरसा चल रहा है। गत वर्ष कक्षा 6 से 8 तक स्कूल की मान्यता ली है। यहां पहुंचे तो 100 से अधिक बच्चियों के बैग सहित अन्य सामान हमने देखे है। 10 से 15 कमरे है। हम 4 से 5 कमरे ही देख पाए। बाकी कमरे इन्होंने नहीं खोले। इनके स्कॉलर में सिर्फ 76 बच्चियां दर्ज है जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर 36 बच्चियां दर्ज है। इनके अनुसार स्कूल छात्राओं का है लेकिन मान्यता में दोनों है। हमने बच्चियों का रेकॉर्ड मांगा तो यह कोई दस्तावेज व नाम पता नहीं दे पाए। इसी कारण शिक्षा विभाग को एफआइआर कराने के निर्देश दिए है और पुलिस को भी सूचना दी है। -डॉ. निवेदिता शर्मा, अध्यक्ष, मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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बैठक में मंदसौर में शिशु गृह शुरू करने के दिए निर्देश
मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा एवं सदस्य सोनम निनामा ने सर्किट हाउस में विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने शिक्षा विभाग को जिले में संचालित मदरसों का सत्यापन करने तथा उन्हें निर्धारित शासकीय नियमों के अनुरूप संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो मदरसे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संचालन बंद कराया जाए। जिले में वर्तमान में 13 मदरसे संचालित हैं।
मंदसौर में शिशु गृह शुरू करने के लिए करे कार्रवाई
उन्होंने अपना घर संस्था से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए बच्चों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मुक्त कराने एवं सभी शासकीय प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को मंदसौर में शिशु गृह प्रारंभ करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। बैठक में लाड़ली लक्ष्मी योजना के सक्रिय हितग्राहियों की जानकारी ली गई तथा पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले सभी प्रकरणों की 24 घंटे के भीतर शतप्रतिशत रिपोर्टिंग करने तथा पॉक्सो मामलों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा विभाग को बारिश से पूर्व सभी जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत का कार्य पूर्ण करने और स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था और नियमित संचालन करने के लिए कहा। बैठक में श्रम विभाग को बाल श्रम रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य विभाग को निरामय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।