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Kidnapping Case: फिल्मी स्टाइल में युवक का अपहरण, लग्जरी कार में बैठाकर हो गए फरार

Kidnapping Case: महासमुंद जिले में 6 आरोपियों ने मिलकर एक युवक का अपहरण किया है। कर्ज ना चूका पाने की वजह से आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया है।

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6 आरोपी गिरफ्तार (Photo Patrika)

Kidnapping Case: महासमुंद जिले के सरायपाली में उधारी की रकम वसूलने के लिए एक युवक का अपहरण कर उसे जबरन ओडिशा ले जा रहे छह आरोपियों को सरायपाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपहृत युवक को सुरक्षित मुक्त कराया और घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार 14 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि हुंडई शोरूम के पास से एक युवक का अपहरण कर कुछ लोग कार से ओडिशा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।

Kidnapping Case: लग्जरी कार में पहुंचे आरोपी

तलाशी के दौरान पुलिस ने कार क्रमांक ओडी-17 एजी-7735 को रोककर पूछताछ की। कार में सवार लोगों ने अपने नाम देबार्चन मलिक, राजेश मलिक, रंजन प्रधान, भागीरथी बेहरा, बंशीधर बंछोर और कुनु बाघ बताए। जांच में पता चला कि सभी आरोपी मिलकर चट्टीगिरोला निवासी 32 वर्षीय निरंजन दास का अपहरण कर उसे जबरन ओडिशा ले जा रहे थे।

मुक्त कराए गए निरंजन दास ने पुलिस को बताया कि उसने देबार्चन मलिक से 3 लाख 50 हजार रुपए उधार लिए थे। इसमें से 50 हजार रुपये लौटा दिए गए थे। बाकी रकम की वसूली के लिए आरोपी अपने साथियों के साथ पहुंचे और जबरदस्ती उसे कार में बैठा लिया। आरोपियों ने उसका मोबाइल छीनकर बंद कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया।

पुलिस को बताई आपबीती

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने पूर्व में देबार्चन मलिक से 3 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। जिसमें से 50 हजार रुपये वापस कर चुका था। शेष रकम की वसूली के लिए आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर मोबाइल छीन लिए और जान से मारने की धमकी देते हुए ओडिशा ले जा रहे थे।

इन धाराओं के तहत केस दर्ज

सरायपाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया तथा घटना में प्रयुक्त कार जब्त कर ली। मामले में थाना सरायपाली में अपराध क्रमांक 168/2026 के तहत धारा 296, 351(2), 140(3), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।