Chhattisgarh Road Accident: महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में ट्रक और बाइक की जोरदार टक्कर में छत्तीसगढ़ पुलिस के हवलदार दयासागर भोई की मौत हो गई।
Chhattisgarh Road Accident: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक हवलदार की मौत हो गई। सांकरा थाना क्षेत्र के बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में बाइक सवार हवलदार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई है। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
मृतक की पहचान दयासागर भोई के रूप में हुई है। वे छत्तीसगढ़ पुलिस में हवलदार पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में थाना बागबाहरा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जानकारी के अनुसार, दयासागर भोई किसी जरूरी कार्य से मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान जब वे बल्दीडीह स्थित जोंक नदी के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक ट्रक की चपेट में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक और बाइक के बीच टक्कर बेहद तेज थी। हादसा इतना भयावह था कि हवलदार को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की सूचना मिलते ही सांकरा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं ट्रक चालक और वाहन से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।
हवलदार दयासागर भोई की अचानक मौत की खबर से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों ने इस घटना पर दुख जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जोंक नदी के आसपास का सड़क मार्ग काफी व्यस्त रहता है और यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
महासमुंद समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार सड़क हादसों के मामले सामने आ रहे हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यातायात नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।