Girls Trafficking Racket: लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। जो यहां पर गरीब परिवार की लड़कियों को ले जाकर राजस्थान में पैसे लेकर शादी कर देते थे। पुलिस कार्रवाई में कई संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं। जबकि जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों के संपर्कों और कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं।
Girls Trafficking Racket: लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो गरीब और बेसहारा नाबालिग लड़कियों को शादी का लालच देकर राजस्थान भेजता था। वहां पैसों के बदले उनकी शादी कराई जाती थी। पुलिस ने गिरोह की महिला संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लड़कियों को इसी तरह राजस्थान भेज चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर दूसरे राज्य भेजने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में एक युवती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में एक किशोर भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था।
मामले की शुरुआत 12 मई को हुई। जब एक महिला ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 16 और 12 वर्ष की दो नातिनों को एक रिश्तेदार और उसकी महिला साथी अपने साथ ले गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने कई टीमों का गठन किया। जांच के दौरान करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए साक्ष्यों की मदद से 18 मई को दोनों बच्चियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में बालिकाओं ने बताया कि उन्हें राजस्थान के कोटा ले जाया जा रहा था। जहां उनकी शादी कराने की तैयारी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। बुधवार को अतरौली क्रॉसिंग के पास से रायबरेली के रहने वाले अनुराग यादव, मोहम्मद अख्तर, प्रिया पटेल तथा एक किशोर को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह उन लड़कियों को चुनता था। जिनके माता-पिता नहीं थे। या जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। आरोपित पहले उनसे दोस्ती करते, घूमाने-फिराने और नए कपड़े दिलाने जैसे प्रलोभन देते थे। भरोसा जीतने के बाद उन्हें राजस्थान भेज दिया जाता था। जहां पैसों के बदले शादी कराई जाती थी।
पूछताछ में महिला आरोपी ने बताया कि प्रत्येक लड़की की शादी कराने पर उसे एक से डेढ़ लाख रुपये तक मिलते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों ने यह भी स्वीकार किया है कि इससे पहले रायबरेली की दो बहनों को भी इसी तरह राजस्थान भेजा गया था।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। विशेष रूप से राजस्थान में सक्रिय बताए जा रहे सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए कार्रवाई जारी है।