लखनऊ, Jun 05, 2026

बंगाल की तरह यूपी में भी भाजपा बना रही रणनीति, PC- Chatgpt
लखनऊ : 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा न सिर्फ सत्ता की हैट्रिक लगाना चाहती है, बल्कि पश्चिम बंगाल की तरह प्रचंड बहुमत हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। पार्टी ने 2024 लोकसभा चुनाव में मिली झटकों से सबक लेते हुए अब बूथ-स्तरीय ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ को अपनी सबसे बड़ी रणनीति बनाया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने पूरे राज्य में 1.76 लाख बूथ पालक नियुक्त करने का फैसला किया है। साथ ही 1,918 मंडलों में फैले 27,633 शक्ति केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा। यह संख्या करीब 1,62,459 विधानसभा बूथों को कवर करेगी, जिसमें हालिया विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के बाद बने 14,000 नए बूथ भी शामिल हैं।
हाल ही में लखनऊ में भाजपा के 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी जिलाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बंगाल चुनाव मॉडल को यूपी में दोहराया जाए।
बैठक में बूथ समितियों, पन्ना प्रमुखों और शक्ति केंद्रों को नए सिरे से सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी का लक्ष्य हर बूथ पर निरंतर निगरानी, मतदाता संपर्क और हाइपर-लोकल प्रचार का है।
2024 लोकसभा चुनाव में SP के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करने के लिए भाजपा विभिन्न सामाजिक वर्गों में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। SIR के दौरान नाम कटने वाले पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए सूची में जोड़ने का काम भी तेज किया जा रहा है।
प. बंगाल में भाजपा की सफलता का सबसे बड़ा क्रेडिट बूथ-स्तरीय मैनेजमेंट को दिया जाता है। यूपी जैसे विशाल राज्य में इसे स्केल-अप करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पार्टी इसे 2027 की ‘गेम चेंजर’ रणनीति मान रही है।
अभी चुनाव में एक साल से ज्यादा समय बाकी है, फिर भी भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी 2024 के नतीजों को दोहराने का जोखिम नहीं लेना चाहती। सफलता का अंतिम परीक्षण तो 2027 में होगा, लेकिन ग्राउंडवर्क पहले से ही काफी आक्रामक नजर आ रहा है।
Published on: 05 Jun 2026 04:37 pm


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