Thyroid Symptoms In Women: महिलाओं में बढ़ रही थायराइड की समस्या के पीछे खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह बन रही है। जानिए कौन-सी 5 आदतें थायराइड का खतरा बढ़ाती हैं और इससे बचने के आसान उपाय।
Causes Of Thyroid In Women: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल का असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में अगर आप हेल्दी और फिट रहना चाहती हैं, तो यह जरूरी है कि आप अपने खान-पान के साथ-साथ लाइफस्टाइल में भी सुधार करें। आइए जानते हैं कि डेली रूटीन में ऐसी कौन-सी गलतियां हैं, जिनकी वजह से महिलाओं में थायराइड की समस्या बढ़ती जा रही है।
एंडोक्रिनोलॉजी एंड डायबिटीज डॉ. जे. बी. गुप्ता के अनुसार, महिलाओं में थायराइड की समस्या बढ़ने का मुख्य कारण खराब मेटाबॉलिज्म, हार्मोनल असंतुलन, तनाव और अनियमित जीवनशैली है। यदि आप इन्हें सुधार लें, तो थायराइड की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आज के समय में काम या मोबाइल-टीवी के चलते लोग देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं। इससे शरीर की 'बायोलॉजिकल क्लॉक' बिगड़ जाती है। जिससे हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियां प्रभावित होती हैं। इसके चलते थायराइड होने के चांसेज बढ़ जाते हैं।
पर्सनल या प्रोफेशनल काम के चलते लगातार तनाव में रहने से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) हार्मोन बढ़ता है, जो थायराइड फंक्शन को बाधित करता है।
हेल्दी रहने और थायराइड से बचने के लिए भोजन में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा जरूरी है। खाने में आयोडीन की कमी या प्रोसेस्ड और जंक फूड के जरिए जरूरत से ज्यादा सोडियम और आयोडीन का सेवन करने से भी थायराइड प्रभावित हो सकता है। (NIH Iodine Fact Sheet)
दिनभर ऑफिस में बैठे रहने या घर पर भी एक्सरसाइज न करने से वजन बढ़ने लगता है, जिससे थायराइड की समस्या हो सकती है।
थायराइड होने के पीछे कम पानी पीना और कुछ विशेष खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन भी हो सकता है। कम पानी पीने से शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होते हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। कुछ शोधों के अनुसार, (NIH Systematic Review 2024) कच्ची फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकोली, सोयाबीन और टोफू जैसे गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन, विशेष रूप से आयोडीन की कमी वाले लोगों में, थायराइड ग्रंथि के कार्य को प्रभावित कर सकता है।
लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ ही अगर आपका अचानक वजन बढ़ रहा हो, पीरियड्स अनियमित हो या गले का फूलने जैसे कोई भी लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।