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कोंडागांव में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, विशाल पेड़ गिरने से मार्ग ठप, इलाकों में जनजीवन प्रभावित

Chhattisgarh Weather: फरसगांव-बड़ेडोंगर क्षेत्र के बेलभाटा और पलना गांव में तेज आंधी-तूफान से भारी नुकसान हुआ। कई पेड़ सड़कों पर गिरने से आवागमन बाधित हो गया, जबकि ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

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कोंडागांव में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Weather: फरसगांव/बड़ेडोंगर क्षेत्र में मंगलवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। बड़ेडोंगर के बेलभाटा और ग्राम पलना क्षेत्र में आए बवंडर से कई पुराने विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। तूफान के बाद ग्रामीणों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई जगहों पर कच्चे मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।

Chhattisgarh Weather: ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान

तूफान थमने के बाद सडक़ों पर गिरे पेड़ों और बिखरी टहनियों के कारण राहगीर घंटों फंसे रहे। प्रशासनिक सहायता का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी और अन्य औजारों की मदद से सडक़ साफ करने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, विशाल पेड़ों के भारी तनों को हटाना ग्रामीणों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है, जिसके लिए मशीनों की आवश्यकता बताई जा रही है।

दहशत में ग्रामीण, प्रशासन से मदद की मांग

स्थानीय लोगों ने बताया कि तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। कई कच्चे मकानों और झोपडिय़ों के छप्पर उडऩे की भी खबरें सामने आई हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सडक़ किनारे मौजूद खतरनाक और जर्जर पेड़ों की समय पर छंटाई नहीं की गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा

‘‘तेज हवा इतनी भयावह थी कि लगा सब कुछ उड़ जाएगा। प्रशासन को कई बार जर्जर पेड़ों की शिकायत की गई थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अब हमारी मांग है कि जल्द से जल्द मार्ग बहाल किया जाए और नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।’’

Chhattisgarh Weather: हादसे में बाइक क्षतिग्रस्त, टला बड़ा हादसा

सबसे भयावह दृश्य बेलभाटा मार्ग पर देखने को मिला, जहां एक विशाल पेड़ मुख्य सडक़ पर आ गिरा। इस दौरान वहां खड़ी एक मोटरसाइकिल पेड़ की चपेट में आ गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि बाइक सवार उस समय वाहन से दूर था, जिससे उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि पेड़ गिरने के समय सडक़ पर अधिक भीड़ होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था और जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।