Liquor Sale Ban in Kondagaon: 30 मई शाम 5 बजे के बाद कोंडागांव में अचानक बदलने वाला है माहौल। शराब की दुकानों पर ताले लटक जाएंगे और 48 घंटे तक बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। आखिर प्रशासन ने यह सख्त फैसला क्यों लिया है, जानिए इसके पीछे की पूरी वजह।
Ban on Liquor Sales: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में 30 मई शाम 5 बजे से शराब बिक्री पर पूर्ण रोक लग जाएगी। दरअसल, नगर पंचायत फरसगांव के वार्ड क्रमांक 1 और 12 में होने वाले पार्षद उपचुनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने 48 घंटे का ड्राई डे घोषित किया है। बता दें कि 30 मई शाम 5 बजे से 1 जून शाम 5 बजे तक क्षेत्र में ड्राई डे लागू रहेगा। इस दौरान शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के तहत फरसगांव स्थित विदेशी कंपोजिट मदिरा दुकान और उससे संचालित अहाता निर्धारित अवधि तक बंद रहेंगे। प्रतिबंध के दौरान किसी भी प्रकार की शराब की बिक्री या सार्वजनिक वितरण की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने आबकारी और पुलिस विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद 1 जून शाम 5 बजे से शराब दुकानों का संचालन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।
वहीं कवर्धा जिले में होने वाले उप निर्वाचन 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मतदान प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से 1 जून को जिले में सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सभी विभागों और संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगरपंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा ग्राम पंचायत उड़ियाखुर्द के वार्ड क्रमांक-08 एवं ग्राम पंचायत पोलमी के वार्ड क्रमांक-14 के रिक्त पंच पदों के लिए 01 जून को मतदान कराया जाएगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश प्रभावशील रहेगा। निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है।