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Rajasthan New Rail Line: राजस्थान में 850 करोड़ की लागत से बिछेगी नई रेल लाइन, 58KM घट जाएगी 2 शहरों की दूरी

Rajasthan New Rail Line: करीब 115 वर्ष पहले जोधपुर से बिलाड़ा तक पहुंचे रेलखंड के अब रास तक विस्तार होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सर्वे के बाद तैयार डीपीआर रेल मंत्रालय को भेज दी गई है।

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Rs 850 Crore Rail Line to Cut Beawar–Jodhpur Distance by 58 KM (Photo: AI generated)

जोधपुर/बिलाड़ा। करीब 115 वर्ष पहले जोधपुर से बिलाड़ा तक पहुंचे रेलखंड के अब रास तक विस्तार होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सर्वे के बाद तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेल मंत्रालय को भेज दी गई है। करीब 850 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के तहत बिलाड़ा से जैतारण होते हुए रास तक नई ब्रॉडगेज लाइन बिछाई जाएगी।

प्रस्तावित मार्ग में बिलाड़ा को जैतारण, निंबोल, टूकड़ा होते हुए रास से जोड़ा जाना है। रास पहले से ब्यावर रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है।

दूरी घटेगी, समय बचेगा

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में ब्यावर से मारवाड़ जंक्शन होते हुए जोधपुर पहुंचने में 191 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जबकि नए मार्ग से यह दूरी घटकर 133 किलोमीटर रह जाएगी। इससे लगभग 58 किलोमीटर दूरी और करीब एक घंटे का समय बचेगा। यह रेलखंड औद्योगिक और सामरिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मिलेगी विकास को गति

इस रेलखंड के विस्तार से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस रेलमार्ग का इतिहास भी लंबा रहा है। वर्ष 1905 में पीपाड़ रोड से बिलाड़ा को जोड़ने के लिए नेरो गेज लाइन की स्वीकृति दी गई थी।

बाद में इसे मीटर गेज में परिवर्तित किया गया और 1997 में इसे उखाड़ दिया गया। वर्ष 2008 में इसे ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया गया। अब 115 वर्ष बाद इस रेलखंड के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।

रेल संपर्क से सीधा लाभ मिलेगा

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने रेल मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि यह परियोजना क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लाइमस्टोन, ग्रेनाइट, चाइना क्ले और सीमेंट उद्योगों की बड़ी मौजूदगी है, जिन्हें रेल संपर्क से सीधा लाभ मिलेगा।

साथ ही कम दूरी होने के कारण यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी अहम होगा। लंबे समय से इस रेलखंड के विस्तार की मांग जनप्रतिनिधियों की ओर से की जा रही थी, जिसके बाद अब योजना को गति मिली है।