जोधपुर, May 29, 2026

भदवासिया में खड़ी निजी बसें। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। महंगाई की मार अब सड़क परिवहन पर भी साफ दिखाई देने लगी है। डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने निजी बस संचालकों की लागत बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। जोधपुर जिले के विभिन्न रूटों पर निजी बसों का किराया बढ़ना शुरू हो गया है, जबकि कई अन्य संचालक भी जल्द किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। बस संचालकों का कहना है कि बीते कुछ समय में डीजल की कीमतों में कई बार वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में पुराने किराए पर बस संचालन करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
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जोधपुर-नागौर रूट पर अभी बसों में किराया नहीं बढ़ाने की बात संचालक कह रहे हैं, लेकिन रात्रिकालीन निजी बसों में यात्रियों से अधिक राशि वसूली जा रही है। यात्रियों के अनुसार कुछ समय पहले तक नागौर का किराया 150 रुपए लिया जाता था, जो अब बढ़कर 200 रुपए तक पहुंच गया है। यात्रियों के कारण पूछने पर परिचालकों ने डीजल के बढ़ते दामों का हवाला दिया।
जोधपुर से बावड़ी-पांचौड़ी के बीच चलने वाली निजी बसों में भी किराया बढ़ चुका है। बस मालिकों का कहना है कि फिलहाल 5 से 10 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन यदि डीजल की कीमतों में इसी तरह इजाफा जारी रहा तो आने वाले दिनों में किराया और बढ़ सकता है। संचालकों के अनुसार डीजल महंगा होते ही प्रति ट्रिप खर्च स्वतः बढ़ जाता है।
जोधपुर से पाली-सोजत रोड के बीच चलने वाली निजी बसों में भी लगभग 10 रुपए तक किराया बढ़ाया गया है। एक बस के परिचालक ने बताया कि डीजल के दामों में लगातार तीन-चार बार हुई वृद्धि के बाद किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है। डीजल की दर तीन-चार बार बढ़ने के बाद अब जाकर किराया बढ़ाया गया है। इससे पहले पुराने किराए पर ही बसों का संचालन किया जा रहा था।
एक ओर डीजल की बढ़ती कीमतें निजी बस संचालकों की चिंता बढ़ा रही हैं। वहीं दूसरी ओर किराया बढ़ने से यात्री भार कम होने की आशंका भी सताने लगी है। संचालकों का मानना है कि यदि महंगाई का यही दौर जारी रहा तो सार्वजनिक परिवहन पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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Published on: 29 May 2026 04:26 pm

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