अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बूलस के साथ भारत के निजी दौरे पर हैं। जानिए उनका दिल्ली, आगरा और जैसलमेर का पूरा ट्रैवल शेड्यूल।
दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप (Tiffany Trump) इन दिनों भारत के एक विशेष और बेहद निजी दौरे पर आई हुई हैं। अपनी इस शाही और सांस्कृतिक यात्रा के मुख्य पड़ाव के रूप में उन्होंने राजस्थान को चुना है, जहां वे मरुधरा की अद्भुत मरुस्थलीय संस्कृति और स्थापत्य कला की जीवंत मिसाल स्वर्ण नगरी जैसलमेर का दीदार करने आ रही हैं। टिफनी ट्रंप के साथ उनके पति माइकल बूलस और उनके कुछ बेहद खास दोस्त भी इस यात्रा का हिस्सा हैं। टिफनी ट्रंप की इस हाई-प्रोफाइल राजस्थान यात्रा को लेकर प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल पूरी तरह से तेज हो गई है। हालांकि यह यात्रा पूरी तरह से गैर-आधिकारिक और व्यक्तिगत है, लेकिन अमरीका राष्ट्रपति के परिवार की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण राजस्थान पुलिस, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं। टिफनी ट्रंप का यह दौरा राजस्थान के पर्यटन उद्योग को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान देने वाला साबित हो रहा है।
टिफनी ट्रंप की इस गोपनीय भारत यात्रा की शुरुआत शनिवार 30 मई 2026 की सुबह हुई, जब उनका विशेष चार्टर्ड विमान नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। सुरक्षा कारणों से उनके आगमन के समय और रूट को पूरी तरह से मीडिया की नजरों से दूर रखा गया था। दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद टिफनी ट्रंप और उनके पति माइकल बूलस नई दिल्ली के सुप्रसिद्ध और भव्य स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा करने पहुंचे।
अक्षरधाम मंदिर की अद्भुत वास्तुकला, भारतीय संस्कृति की गौरवशाली झलक और वहां की आध्यात्मिक शांति को देखकर टिफनी ट्रंप पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गईं। उन्होंने मंदिर परिसर में काफी समय बिताया और भारतीय संस्कृति व इतिहास के बारे में वहां के गाइडों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इस दौरे के तुरंत बाद टिफनी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अक्षरधाम मंदिर की तस्वीरों को साझा करते हुए भारत की इस सादगी और भव्यता को 'अविश्वसनीय' (Incredible) के रूप में संबोधित किया है, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शनिवार दोपहर को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण पूरा करने के बाद टिफनी ट्रंप अपने निजी दल के साथ चार्टर्ड एयरक्राफ्ट के जरिए सीधे उत्तर प्रदेश के आगरा शहर के लिए रवाना हुईं। उनका चार्टर्ड विमान आगरा के सैन्य हवाई अड्डे 'खेरिया एयरपोर्ट' पर उतरा, जहां पहले से ही उत्तर प्रदेश पुलिस और अमरीकी एडवांस सिक्योरिटी विंग के कमांडो तैनात थे।
आगरा के स्थानीय सूत्रों और मीडिया के अनुसार, शनिवार को सूर्यास्त के समय भी टिफनी ट्रंप द्वारा ताजमहल के पिछले हिस्से यानी महताब बाग या यमुना के किनारे से दीदार करने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल और गोपनीयता के कारण उनके शनिवार शाम के मूवमेंट को स्थानीय अधिकारियों द्वारा आधिकारिक रूप से साझा नहीं किया गया है, लेकिन ताज नगरी में उनके आगमन को लेकर पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।
टिफनी ट्रंप के आधिकारिक और पूर्व निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, 31 मई 2026 (रविवार सुबह) का समय पूरी तरह से दुनिया के सात अजूबों में शुमार प्रेम के प्रतीक ताजमहल के नाम रहने वाला है। वे रविवार को तड़के सूर्योदय के समय ताजमहल का दीदार करने के लिए वीवीआईपी सुरक्षा घेरे में मुख्य परिसर में प्रवेश करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य की पहली किरणों के साथ ताजमहल के संगमरमरी हुस्न को देखना दुनिया भर के हाई-प्रोफाइल सैलानियों की पहली पसंद होता है। टिफनी ट्रंप ताजमहल के मुख्य गुंबद, वीआईपी डायस और प्रसिद्ध डायना बेंच पर करीब 1.5 घंटे का लंबा समय बिताएंगी। इस दौरान आर्किटेक्चर की बारिकियों को समझने के साथ-साथ वे अपने पति माइकल बूलस के साथ तस्वीरें भी खिंचवाएंगी।
टिफनी ट्रंप के इस दौरे के दौरान सामान्य पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थानीय प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
रविवार सुबह ताजमहल की अनुपम सुंदरता को अपनी यादों में समेटने के बाद टिफनी ट्रंप का रुख सीधे पश्चिम की ओर यानी वीरों और महलों की भूमि राजस्थान की तरफ होगा। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 31 मई 2026 (रविवार दोपहर) को वे आगरा के खेरिया एयरपोर्ट से अपने विशेष चार्टर्ड प्लेन के जरिए सीधे राजस्थान के जैसलमेर हवाई अड्डे (Jaisalmer Airport) के लिए उड़ान भरेंगी।
जैसलमेर वायुसेना स्टेशन और नागरिक हवाई अड्डे पर उनके विमान के लैंड करने की टाइमलाइन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। रविवार की दोपहर जैसे ही टिफनी ट्रंप की कदम मरुधरा की रेतीली और ऐतिहासिक धरा पर पड़ेंगे, वैसे ही उनकी मरुस्थलीय यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। जैसलमेर का पर्यटन विभाग इस बेहद खास मेहमान के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जैसलमेर को दुनिया भर में अपनी मरुस्थलीय संस्कृति, पीले पत्थरों से बने महलों और लोक कला के लिए जाना जाता है। टिफनी ट्रंप की इस निजी यात्रा का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की इसी जीवंत ग्रामीण और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से महसूस करना है।
सोनार किला : टिफनी ट्रंप जैसलमेर के प्रसिद्ध सोनार किले का दीदार कर सकती हैं, जो दुनिया के गिने-चुने 'लिविंग फोर्ट्स' में से एक है, जहां आज भी शहर की एक बड़ी आबादी निवास करती है। किले की अनूठी नक्काशी और हवेलियों (जैसे पटवों की हवेली और नथमल की हवेली) की स्थापत्य कला उनके इस दौरे का मुख्य आकर्षण रहेगी।
सैंड ड्यून्स : जैसलमेर के विश्व प्रसिद्ध सम (Sam) या खुहड़ी के रेतीले धोरों पर टिफनी ट्रंप सूर्यास्त का आनंद ले सकती हैं। यहां वे पारंपरिक राजस्थानी कालबेलिया नृत्य, लांगा-मांगणियार लोक गायकों की जुगलबंदी और रेगिस्तान के जहाज 'ऊंट की सवारी' (Camel Safari) का लुत्फ उठा सकती हैं। थार के मरुस्थल की शांत रातों के बीच टेंट रिसॉर्ट्स में पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद चखना भी उनके इस ट्रिप का हिस्सा हो सकता है।
भले ही टिफनी ट्रंप की यह यात्रा पूरी तरह से एक प्राइवेट हॉलिडे ट्रिप है, लेकिन एक अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी और वैश्विक वीवीआईपी होने के कारण उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। अमरीका की खुफिया एजेंसी की एडवांस सिक्योरिटी टीम पिछले कई दिनों से भारत में डेरा डाले हुए है और उन्होंने स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे रूट का सुरक्षा ऑडिट किया है।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जैसलमेर जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त लागू कर दिए हैं। टिफनी ट्रंप जैसलमेर के किस आलीशान हेरिटेज होटल या लग्जरी डेजर्ट रिसॉर्ट में रुकेंगी और उनका काफिला किस रास्ते से गुजरेगा, इन तमाम जानकारियों को पूरी तरह से गोपनीय और वर्गीकृत रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने होटल स्टाफ और फ्लीट के ड्राइवरों का भी विशेष वेरिफिकेशन किया है ताकि टिफनी ट्रंप की गोपनीयता और सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य बनी रहे।