Rajya Sabha Elections : राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान में तीन सीटों के लिए भाजपा-कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों का एलान नहीं किया है।
Rajya Sabha Elections : राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव की नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। हालांकि प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन कोई भी पर्चा दाखिल नहीं किया गया। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र विधानसभा भवन के कक्ष संख्या-106 में अभ्यर्थी अथवा उसके किसी प्रस्तावक की ओर से सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को विधानसभा भवन के भूतल स्थित कक्ष संख्या 751 में होगी।
उम्मीदवार 11 जून को दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे, जबकि मतदान 18 जून को कराया जाएगा। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें वर्तमान सांसद राजेंद्र गहलोत, रवनीत सिंह बिड्डू और नीरज डांगी का कार्यकाल 20 जून को समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुट गई है। सोमवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने राज्यसभा चुनाव वाले राज्यों के प्रदेशाध्यक्षों से अलग-अलग मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नामों पर विस्तृत चर्चा की है। इस मुलाकात के बाद कोर कमेटी के सदस्य भी इस पर विस्तृत चर्चा कर रहे है।
गौरतलब है कि दस राज्यों की 24 सीटों और तीन राज्यों की एक-एक सीट के लिए उप चुनाव होने हैं। राजस्थान और एमपी से 3-3 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर राजस्थान में पार्टी दो सीटों को जीत सकती है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में कई संभावित नामों की चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन प्रदेश स्तर पर उम्मीदवार चयन को लेकर अभी कोई औपचारिक गतिविधि नजर नहीं आ रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उम्मीदवारों का अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।
अजमेर जिले के पुष्कर में आयोजित जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद अब पार्टी का ध्यान राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर केंद्रित होने की संभावना है। पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग भी उठ रही है।