Rajasthan weather update : राजस्थान में मौसम का मिजाज फिलहाल बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
जयपुर। राजस्थान में मौसम का मिजाज फिलहाल बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मंगलवार को भी उत्तर-पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से कई जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां जारी रही। बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी हुई।
मौसम केन्द्र के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 3 और 4 जून को प्रदेश में मौसम गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से अंधड़ चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
आगामी एक सप्ताह तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा। इससे हीटवेव की स्थिति नहीं बनने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
राजस्थान में आंधी-बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में छह डिग्री तक की गिरावट दर्ज हुई है। भीलवाड़ा में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 6.9 डिग्री तक कम रहा। इसी प्रकार अजमेर में रात का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 6.3 डिग्री कम रहा। श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 41.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। संगरिया में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया।
जून माह की शुरूआत में प्री मानसून की बारिश के आसार को देखते हुए किसानों ने खरीफ सीजन की बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी है। किसानों ने खेतों की जुताई के साथ खरपतवार कटवानी शुरू कर दी है। जिससे आगामी दिनों में प्री मानसून की बारिश होने पर किसान बुवाई कर सके। कई जगह किसानों ने भी खरीफ की कपास और मूंगफली की बुवाई शुरू कर दी है।