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Rajasthan Weather Update 2 May : मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी, 3 घंटे में राजस्थान के 9 जिलों में बारिश की संभावना

Weather Update : मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के तहत तीन घंटे में राजस्थान के 9 जिलों में ओलावृष्टि, तूफानी हवा और बारिश का डबल अलर्ट जारी किया गया है। जानें कौन से जिले प्रभावित होंगे।

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Rajasthan Weather Update 2 May : जोधपुर में शाम को आई बारिश का दृश्य व नागौर में गिरे ओले। फोटो-एसके मुन्ना

Weather Update : राजस्थान का मौसम लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग की सुबह 7.20 बजे जारी नई भविष्यवाणी के तहत तीन घंटे में राजस्थान के 9 जिलों में ओलावृष्टि, तूफानी हवा और बारिश का डबल अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने धौलपुर जिले में कहीं-कहीं तीव्र मेघगर्जन/गरज-चमक के साथ तेज हवाएं 60-80 किमी/घंटा, धूलभरी आंधी, वज्रपात, ओलावृष्टि तथा हल्की से मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भरतपुर, डीग, अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक तथा जयपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन/गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा तथा हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।

मौसम विभाग का संभावित प्रभाव - ऑरेंज अलर्ट

1- पेड़ की बड़ी शाखाओं, बिजली के खंभे तथा अन्य कमजोर संरचनाओं को नुकसान होने की प्रबल संभावना है।
2- दृश्यता में कमी होने की संभावना है।
3- फसलों को नुकसान होने की संभावना है।

सुझाव
1- मेघगर्जन के समय पेड़ों व कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें तथा मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें।
2- वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें।
3- बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और धातु की वस्तुओं/पानी के नल को न छूएं।

मौसम विभाग का संभावित प्रभाव - येलो अलर्ट

1- मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

सुझाव
1- सामान्यतः कोई विशेष प्रभाव नहीं।

आगामी सप्ताहभर जारी रहेगी आंधी-बारिश की गतिविधियां!

राजस्थान में मौसम का मिजाज फिलहाल नरम रहने वाला है। मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर दो परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इनका प्रभाव सोमवार को बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ भागों में देखने को मिला। झालावाड़ जिले में दोपहर बाद कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। पिड़ावा कस्बे के सुल्तानपुरा क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश के दौरान निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से फजलुद्दीन (45 वर्ष) की मौत हो गई।

चित्तौड़गढ़ में शाम को करीब आधे घंटे तक तेज अंधड़ और बारिश का दौर चला। भीलवाड़ा में शाम को बारिश से राहत मिली। अजमेर में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन, हल्की से मध्यम बारिश हुई। विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी सप्ताहभर जारी रह सकती है। इससे तापमान में बढ़ोतरी पर अंकुश लगेगा और गर्मी से राहत बनी रहेगी।

कई जगह ओले गिरे

झालावाड़ जिले के रटलाई सहित कई क्षेत्रों में बेर के आकार के ओले गिरे। ओलावृष्टि से सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। नागौर जिले में दोपहर बाद तेज बारिश के साथ नींबू के आकार के ओले गिरे। जायल सहित कई क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। इससे कपास की फसल को नुकसान पहुंचा। अजमेर शहर में दस मिनट तक कंचे के आकार के ओले गिरे। दरगाह बाजार, नला बाजार, केसरगंज, दिल्ली गेट और रामगंज क्षेत्र में लोगों ने ओले बर्तनों में एकत्र किए।

3-4 जून को नए पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी आंधी-बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 3 और 4 जून को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में आंधी-बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है और बारिश भी हो सकती है। लगातार मौसम गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। यानी आगामी एक सप्ताह तक हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है।

फलोदी में सबसे अधिक पारा

प्रदेश में फलोदी में सोमवार को सबसे अधिक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। यहां पारा 43 डिग्री पर आ गया। राज्य में दिन के तापमान में 5.6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में सोमवार को रात का पारा 6 डिग्री तक बढ़ गया। जालोर में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया।

तय समय पर भी नहीं पहुंचा मानसून

इस बार देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री को लेकर मौसम विभाग (आइएमडी) के पूर्वानुमान सटीक साबित नहीं हुए हैं। पहले आइएमडी ने कहा था कि इस बार मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंचेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर आइएमडी ने 29 मई से 1 जून के संभावना जताई, वो भी सही नहीं हुई। अब फिर आइएमडी ने 2-3 दिन मानूसन की देरी की संभावना जताई है।

2-3 दिन में केरल तट से आ सकती है खुशखबर

आइएमडी के जयपुर निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार अरब सागर के ऊपर पश्चिमी हवाओं की गति बेहद कमजोर होने के कारण मानसून तय समय पर केरल नहीं पहुंचा है। हवाएं अनुकूल रही तो 2-3 दिन में केरल तट से खुशखबर आ सकती है।