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Rajasthan Weather: राजस्थान में आंधी, अंधड़ और बारिश का असर जारी, 19 जिलों में येलो अलर्ट, तापमान पांच डिग्री तक गिरा

मौसम विभाग ने मंगलवार को भी 19 जिलों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसम प्रणाली का असर 5 जून तक बना रह सकता है।

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राजस्थान में जून महीने की शुरुआत भीषण गर्मी के बजाय आंधी, अंधड़ और तेज बारिश के साथ हुई है। मौसम में आए अचानक बदलाव से प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी 19 जिलों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसम प्रणाली का असर 5 जून तक बना रह सकता है।

पांच डिग्री तक लुढ़का पारा, गर्मी से मिली राहत

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को अचानक बदले मौसम से बड़ी राहत मिली है। दिन के तापमान में गिरावट आने के साथ ही शाम और रात का मौसम भी सुहावना हो गया है।

फलोदी सबसे गर्म, फिर भी बरसी झमाझम बारिश

चक्रवाती हवाओं के बीच सोमवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दोपहर बाद यहां भी मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और शाम तक मौसम काफी सुखद हो गया। अन्य कई जिलों में भी गर्मी का असर कम होता दिखाई दिया।

नागौर-फलोदी में ओलावृष्टि, चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा बारिश

सोमवार दोपहर बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। नागौर और फलोदी के कई क्षेत्रों में ओले गिरने से सड़कों पर सफेद परत नजर आई। वहीं चित्तौड़गढ़ में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा नागौर में 13 मिलीमीटर, अजमेर में 12.6 मिलीमीटर और टोंक के निवाई क्षेत्र में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जयपुर, जोधपुर, पाली, राजसमंद और भीलवाड़ा में भी धूलभरी आंधी के बाद बूंदाबांदी हुई।

19 जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

मौसम केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर वज्रपात होने की संभावना है। अलर्ट वाले जिलों में बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान मौसम प्रणाली का प्रभाव आगामी 5 जून तक देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं तेज हवाएं, कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।