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Smart City Jaipur: जेडीए की ‘संवाद’ पहल लाई रंग, मई में 65 ले-आउट और बिल्डिंग प्लान को मिली त्वरित मंजूरी

Housing Projects: जनभागीदारी और पारदर्शिता का मॉडल बना जेडीए, आवेदकों की समस्याओं का मौके पर समाधान। जयपुर विकास को मिली नई रफ्तार, जेडीए ने एक माह में 65 परियोजनाओं को दी स्वीकृति।

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JDA Jaipu: rजयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने शहर के सुनियोजित विकास के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। जेडीए की अभिनव ‘संवाद’ पहल के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। इसी पहल के तहत मई 2026 के दौरान ले-आउट और बिल्डिंग प्लान से जुड़े कुल 65 प्रकरणों एवं परियोजनाओं को त्वरित गति से स्वीकृति प्रदान की गई है।

जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि ‘संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से अब जेडीए की विभिन्न बैठकों में संबंधित आवेदकों और हितधारकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। इससे आवेदकों को अपनी समस्याएं, सुझाव और आपत्तियां सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। आमने-सामने संवाद होने से कई मामलों का तत्काल समाधान संभव हो रहा है और निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बन रही है।

उन्होंने कहा कि जेडीए का उद्देश्य केवल विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देना नहीं, बल्कि आमजन के विश्वास को मजबूत करना भी है। संवाद आधारित इस व्यवस्था से न केवल प्रक्रियाओं में तेजी आई है, बल्कि अनावश्यक देरी और भ्रम की स्थिति भी कम हुई है।

बीपीसी-एलपी समिति की बैठकों में कुल 58 प्रकरण विचारार्थ

मई माह में आयोजित बीपीसी-एलपी समिति की बैठकों में कुल 58 प्रकरण विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। इनमें से 48 मामलों में समिति ने त्वरित अनुमोदन प्रदान किया। स्वीकृत प्रकरणों में पुनर्गठन एवं उपविभाजन के 13 मामले, आवासीय एकल भूखंड के 11, आवासीय योजनाओं के 7, गैर-आवासीय एकल भूखंड के 4 तथा अन्य श्रेणी के 13 प्रकरण शामिल हैं। इन स्वीकृतियों से शहर में नियोजित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

मई 2026 के दौरान कुल 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान

इसी प्रकार बीपीसी-बीपी समिति ने मई 2026 के दौरान कुल 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की। इनमें 8 आवासीय, 4 संस्थागत, 2 मिश्रित उपयोग, 1 व्यावसायिक, 1 होटल तथा 1 रिसॉर्ट परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं के स्वीकृत होने से निवेश, रोजगार और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को भी बल मिलेगा।

जेडीए अधिकारियों का कहना है कि ‘संवाद’ पहल के माध्यम से आमजन और प्रशासन के बीच दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में भी इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें और विकास परियोजनाओं को अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े।
जेडीए का मानना है कि पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया, जवाबदेही और जनसहभागिता के जरिए ही जयपुर को एक आधुनिक, व्यवस्थित और बेहतर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसी सोच के साथ ‘संवाद’ कार्यक्रम को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।