जयपुर, Jun 07, 2026

सोमनाथ मंदिर के दर्शन करते हुए राजस्थान के निवासी। फोटो पत्रिका
Somnath Swabhiman Parv: जयपुर. सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में शामिल 1008 श्रद्धालुओं ने शनिवार को गुजरात स्थित श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य एवं भव्य दर्शन किए। आस्था, संस्कृति और भारतीय गौरव की अनुभूति से परिपूर्ण इस यात्रा ने वरिष्ठ नागरिकों को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।
दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर की संध्या आरती में भाग लिया तथा प्रसिद्ध लाइट एंड साउंड शो का आनंद उठाया। इस शो में सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक महत्व और उसके पुनर्निर्माण की प्रेरणादायक गाथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर के इतिहास को जानकर भावुकता और गर्व दोनों का अनुभव किया।
लाइट एंड साउंड शो में बताया गया कि बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ प्रथम ज्योतिर्लिंग है। इतिहास में कई बार इस मंदिर पर आक्रमण हुए, इसे खंडित किया गया और लूटा गया, लेकिन भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और संकल्प की शक्ति के कारण यह बार-बार पुनर्निर्मित हुआ। स्वतंत्रता के बाद देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया, जो आज भी भारतीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के माध्यम से मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा गुजरात सरकार के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष तीर्थ यात्रा का आयोजन किया गया है।
यात्रा के तहत 6 जून को वेरावल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर राजस्थान से गए श्रद्धालुओं का गुजरात सरकार की ओर से भव्य स्वागत किया गया। पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया तथा गुजराती लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं को वातानुकूलित बसों से गिर सोमनाथ स्थित थ्री-स्टार होटल में ठहराया गया, जहां भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को गोलोकधाम, राम मंदिर, बाणगंगा, भालका तीर्थ, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गैलरी, हाट बाजार और सोमनाथ बीच के दर्शन भी करवाए गए। यात्रा प्रभारी आशुतोष गुप्ता के अनुसार, रविवार रात श्रद्धालु विशेष ट्रेन से द्वारका और नागेश्वर धाम के दर्शन के लिए रवाना होंगे तथा 9 जून को जयपुर लौटेंगे।
राजस्थान सरकार की यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
Updated on: 07 Jun 2026 08:46 pm

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