LHB Coaches: भारतीय रेलवे ने अप्रेल और मई में 19 जोड़ी ट्रेनों के 31 रैक एलएचबी कोचों में परिवर्तित कर यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा का तोहफा दिया है।
जयपुर। रेल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में ट्रेनों के पारंपरिक आईसीएफ रैक को चरणबद्ध तरीके से एलएचबी रैक में परिवर्तित कर संचालित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रेल और मई माह में भारतीय रेलवे ने 19 जोड़ी ट्रेनों के 31 रैक एलएचबी में परिवर्तित किए हैं। इसके अलावा दो जोड़ी नई रेलसेवाओं के चार रैक भी एलएचबी कोचों से संचालित किए गए हैं।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे परंपरागत आईसीएफ कोचों के स्थान पर चरणबद्ध तरीके से एलएचबी कोच लगा रहा है। जर्मन तकनीक पर आधारित एलएचबी कोच अधिक गति, बेहतर आराम, कम कंपन और उच्च सुरक्षा मानकों के लिए जाने जाते हैं। इन कोचों की विशेष डिजाइन के कारण दुर्घटना की स्थिति में एक कोच के दूसरे पर चढ़ने की संभावना बेहद कम रहती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में भुज से दिल्ली के बीच नई रेलसेवा का शुभारम्भ किया गया था। इस रेलसेवा के तीन रैक भी एलएचबी कोचों से संचालित किए जा रहे हैं। यह रेलसेवा पश्चिमी राजस्थान के जालोर और पाली मारवाड़ को जयपुर तथा देश की राजधानी दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के चार रैक भी एलएचबी में परिवर्तित किए गए हैं। मई 2026 तक उत्तर पश्चिम रेलवे के स्वामित्व वाली 193 जोड़ी रेलसेवाओं के 196 रैक में से 88 जोड़ी रेलसेवाओं के 106 रैक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों से संचालित किए जा रहे हैं। एलएचबी कोचों में यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, अधिक आरामदायक सीटें, उन्नत ब्रेकिंग प्रणाली, आधुनिक शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
साथ ही शोर और कंपन अपेक्षाकृत कम होने से लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक हो जाती है। इन कोचों की अधिकतम गति क्षमता पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक है, जिससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार होता है। आधुनिक तकनीक से निर्मित एलएचबी कोचों में डिस्क ब्रेक, एयर स्प्रिंग सस्पेंशन और एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जो इन्हें अधिक सुरक्षित बनाती हैं।