# जयपुर

ACB ने जयपुर में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा प्लेसमेंट एजेंसी संचालक, PF-ESI लिंक करने के एवज में ले रहा था ₹40,000

Rajasthan Crime: जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामले का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में एक प्लेसमेंट एजेंसी संचालक को रंगे हाथों पकड़ा है जो संविदाकर्मी से अवैध वसूली कर रहा था।

2 min read
आरोपी अनिल कुमार की फोटो: पत्रिका

ACB Arrested Anil Kumar Taking Bribe: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एसयू-प्रथम चौकी ने जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्लेसमेंट एजेंसी संचालक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ‘डायनेमिक मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज’ के संचालक अनिल कुमार के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह एक संविदाकर्मी के यूएएन नंबर, पीएफ और ईएसआई को सेवा से लिंक करने के बदले ₹40,000 की रिश्वत ले रहा था।

डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि यह मामला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर-द्वितीय के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर गरुड़वासी (चाकसू) से जुड़ा हुआ है। परिवादी को इस संस्थान में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से संविदा पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के बाद आरोपी एजेंसी संचालक अनिल कुमार लगातार कर्मचारी को परेशान कर रहा था और उसके यूएएन नंबर, पीएफ और ईएसआई को सेवा से लिंक करने के बदले पहले ₹50,000 की मांग कर रहा था।

पकड़े जाने के डर से लौटाए थे 5000

परिवादी द्वारा शिकायत किए जाने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन करवाया। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी और परिवादी के बीच ₹40,000 में सौदा तय हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने शुरुआती चरण में ₹5,000 वसूल भी लिए थे। हालांकि बाद में उसे एसीबी की कार्रवाई का शक हुआ तो उसने 5,000 रुपए वापस लौटा दिए और शेष राशि एक साथ देने की शर्त रख दी।

इसके बाद एसीबी ने पूरी योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने तय रकम ₹40,000 आरोपी अनिल कुमार को दी, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। इस दौरान टीम ने पहले से तैयार रणनीति के तहत आसपास निगरानी बनाए रखी और जैसे ही लेन-देन पूरा हुआ तुरंत दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह इस तरह की मांग अन्य कर्मचारियों या संविदाकर्मियों से भी करता था। एसीबी टीम अब उसके मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। प्रारंभिक जांच में ये भी सामने आ रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की अनियमितताओं में शामिल हो सकता है।