Rajasthan Development: राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जोधपुर–पाली–मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (DMIC के तहत) को तेजी से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में आधारभूत ढांचे के साथ औद्योगिक भू-खंडों का आवंटन शुरू किया जा रहा है।
Jodhpur-Pali-Marwar Industrial Area:राजस्थान में औद्योगिक निवेश को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (रिडको) की नई भूमि आवंटन एवं मूल्य निर्धारण नीति को मंजूरी दे दी गई है। इस नीति के लागू होने से दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआइसी) के तहत विकसित हो रहे जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक भू-खंडों का आवंटन जल्द शुरू हो सकेगा। नई व्यवस्था में ऑनलाइन आवेदन, प्रत्यक्ष आवंटन, ई-नीलामी और एफडीआइ परियोजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इससे बड़े निवेशकों को आकर्षित करने में सहायता मिलेगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जोधपुर और पाली के बीच विकसित हो रहे इस औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, रेल, गैस, बिजली और जल आपूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पहले चरण में 1186 एकड़ भूमि उद्योगों के लिए उपलब्ध होगी।
जेपीएमआइए (जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया) के प्रथम चरण में करीब 1186 एकड़ बिक्री योग्य भूमि उपलब्ध होगी। निवेशकों को अग्रिम भुगतान पर छूट और 11 तिमाही किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-62 और राज्य राजमार्ग-64 से जुड़ा है। रोहट-मारवाड़ जंक्शन रेल लाइन के दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, गैस आपूर्ति के लिए 4.5 किलोमीटर पाइपलाइन और गैस ग्रिड परियोजना की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
रिडको ने औद्योगिक टाउनशिप में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए दिसंबर 2025 में 370 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए। सड़क, ड्रेनेज, विद्युत और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्य शुरू हो चुके हैं। बिजली और पानी उपलब्ध कराने के लिए अलग से डिपोजिट वर्क भी करवाए जा रहे हैं।
नई नीति में सामान्य औद्योगिक भू-खंड 99 वर्ष की लीज पर दिए जाएंगे। फ्लैटेड फैक्टरी, प्लग-एंड-प्ले, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए 33 से 66 वर्ष तक की लीज अवधि का प्रावधान किया गया है। पीपीपी मॉडल पर आवासीय और सामाजिक अवसंरचना विकसित करने की भी योजना है।
रिडको का मानना है कि नई नीति से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भू-खंडों का सीमांकन पूरा होते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।