1 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर, Jun 01, 2026

जयपुर में SMS-जेकेलोन अस्पताल तक पहुंच रहा शोर, अब 3.72 करोड़ खर्च कर बनेंगे साउंडप्रूफ

Hospital Noise Control: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल और जेकेलोन अस्पताल में भर्ती मरीज भी शोर से परेशान है। शांत क्षेत्र होने के बाद भी यहां सड़कों पर दौड़ते वाहनों का शोर तय मानकों से कई गुना अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जो मरीजों और नवजातों की सेहत के लिए खतरनाक है।

Noise Barrier Project Jaipur

एसएमएस अस्पताल के बाहर वाहनों से बढ़ रहा ध्वनि प्रदूषण,पत्रिका फोटो

Hospital Noise Control: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल और जेकेलोन अस्पताल में भर्ती मरीज भी शोर से परेशान है। शांत क्षेत्र होने के बाद भी यहां सड़कों पर दौड़ते वाहनों का शोर तय मानकों से कई गुना अधिक रिकॉर्ड किया गया है, जो मरीजों और नवजातों की सेहत के लिए खतरनाक है। इस शोर को रोकने के लिए अब नगर निगम इन दोनों अस्पतालों की बाहरी दीवारों पर साउंड बैरियर लगाएगा। इससे अस्पताल में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लग पाएगी।

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट में शहर में शांत क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण 70 डेसीबल से अधिक पहुंच रहा है। ध्वनि प्रदूषण की जद में एसएमएस व जेकेलोन जैसे अस्पताल भी है। टोंक रोड व जेएलएन मार्ग पर 24 घंटे दौड़ रहे वाहनों का शोर इन अस्पतालों के अंदर तक जा रहा है। अब दोनों अस्पतालों के बाहर दीवारों पर पॉली कार्बोनेट शीट के साउंड बैरियर लगाए जाएंगे।

3.72 करोड़ रुपए होंगे खर्च

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिपोर्ट के आधार पर अब जयपुर नगर निगम दोनों अस्पतालों की दीवारों पर साउंड बैरियर लगाएगा, इस काम पर करीब 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार, इस काम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। अब इसी सप्ताह इसके टेंडर किए जाएंगे। करीब डेढ़ माह बाद धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। राजधानी में साउंड बैरियर लगाकर ध्वनि प्रदूषण को रोकने का काम पहली बार हो रहा है।

जयपुर में कितना हो रहा शोर

जगहदिन (dB)रात (dB)ध्वनि प्रदूषण (डेसीबल में)
शांत क्षेत्र72.256.8
आवासीय क्षेत्र73.372.3
व्यावसायिक क्षेत्र73.569.9
इंडस्ट्रियल क्षेत्र65.766.1

: शांत क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानक दिन में 50 डेसीबल तथा रात में 40 डेसीबल हैं।

ऐसे काम करता है साउंड बैरियर

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पूर्व मुख्य पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. विजय सिंघल के अनुसार पॉली कार्बोनेट से बने साउंड बैरियर ध्वनि तरंगों को सीधे आगे बढ़ने से रोकते हैं या तीव्रता कम करते हैं। सड़क से वाहन और हॉर्न के शोर की ध्वनि तरंगें लौट जाती हैं या उनकी ऊर्जा कम हो जाती है। इससे शोर काफी घट जाता है। साउंड बैरियर से 15 डेसीबल तक ध्वनि को कम किया जा सकता है।

शोर से मरीजों में बढ़ती है बेचैनी

अस्पतालों में मरीज पहले ही किसी न किसी बीमारी से पीड़ित होते हैं। ध्वनि प्रदूषण से उनमें बैचेनी बढ़ जाती है, नींद नहीं ले पाते हैं। इससे उनका रक्तचाप बढ़ सकता है। हृदय की गति बढ़ सकती है। मरीज अवसाद में जा सकता है। इसके अलावा भी कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नवजातों और गंभीर मरीजों के लिए शांत माहौल बेहद जरूरी है।

  • डॉ. पवन सिंघल, सीनियर प्रोफेसर, नाक, कान, गला रोग विभाग एसएमएस अस्पताल
कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें