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TAX return problem…. आयकर रिटर्न दाखिल करने बारह दिन शेष, पोर्टल होने लगा क्रेश

आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट््स पर दबाव बढ़ता जा रहा है। 15 सितंबर तक करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करने हैं, पर आयकर पोर्टल की तकनीकी खामियां और प्रक्रियात्मक दिक्कतें समय ...

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TAX return problem

ग्वालियर. आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट््स पर दबाव बढ़ता जा रहा है। 15 सितंबर तक करदाताओं को आयकर रिटर्न दाखिल करने हैं, पर आयकर पोर्टल की तकनीकी खामियां और प्रक्रियात्मक दिक्कतें समय पर रिटर्न दाखिल करने में बाधा बन रही हैं। ग्वालियर रीजन में अभी भी करदाताओं का रिटर्न दाखिल होने का आंकड़ा 50 फीसदी से भी कम है। ऐसे में अंतिम तिथि के नजदीक आते ही समस्या और बढ़ सकती है। करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के दौरान पोर्टल पर धीमी गति, लॉग-इन में कठिनाई और डेटा अपलोड करने में रुकावट जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अंतिम दिनों में यह समस्या और अधिक बढ़ेगी क्योंकि उसी समय सबसे अधिक फाइङ्क्षलग होती है।

ओटीपी आने में हो रही देरी

ई-वेरीफिकेशन के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आना जरूरी है, लेकिन हाल ही में बड़ी संख्या में करदाताओं को ओटीपी प्राप्त करने में देरी हो रही है। इससे रिटर्न अधूरा रह जाता है और प्रोसेङ्क्षसग लंबित हो जाती है।

देरी से नुकसान

  • जुर्माना (पेनल्टी) : 1,000 से लेकर 5,000 रुपए तक पेनल्टी। लेट रिटन्र्स पर रिफंड नहीं मिलता है।
  • ब्याज का अतिरिक्त बोझ : देरी से दाखिल रिटर्न पर ब्याज देना पड़ता है, रिफंड प्रोसेङ्क्षसग में अतिरिक्त समय।

सीए ने कहा…

रिटर्न और ऑडिट दोनों ही महत्वपूर्ण अनुपालन हैं, लेकिन मौजूदा तिथियों में दोनों को गुणवत्तापूर्वक पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह समय सीमा तय करते समय वास्तविक काम के बोझ और पोर्टल की क्षमता को ध्यान में रखे।
पंकज शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट