शहर बदल रहा है, और इस बदलते शहर की जो तस्वीर जनगणना के डिजिटल सर्वे ने खींची है, वह वाकई हैरान करने वाली है। अगर आप सोच रहे हैं कि ग्वालियर में पैर रखने की जगह नहीं है
ग्वालियर. शहर बदल रहा है, और इस बदलते शहर की जो तस्वीर जनगणना के डिजिटल सर्वे ने खींची है, वह वाकई हैरान करने वाली है। अगर आप सोच रहे हैं कि ग्वालियर में पैर रखने की जगह नहीं है, तो जरा ठहरिए! जिले में मकानों की जो गणना पूरी हुई है, उसने रियल एस्टेट की एक तस्वीर उभर कर सामने आई है। जिले में कुल 55,288 मकान खाली पड़े हैं, जिनमें से अकेले नगर निगम क्षेत्र में ही 44,371 घर खाली मिले हैं। यानी लोगों ने इन्वेस्टमेंट के लिए आशियाने तो खरीद लिए, पर वहां रहने वाला कोई नहीं है।
एक और बड़ा ट्रेंड जो सामने आया है, वह यह कि अब घर सिर्फ रहने के लिए नहीं, बल्कि कमाई का जरिया बन रहे हैं। जिले के 1,01,795 मकानों का इस्तेमाल बल्कि दुकान, दफ्तर या गोदाम के रूप में हो रहा है। यही वजह है कि जिले में आवासीय मकानों की संख्या घटकर 4.49 लाख ही रह गई है। जिले की कुल जनसंख्या 24 लाख 35 हजार 519 हो गई है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी नगर निगम क्षेत्र की है, जहां 14.54 लाख लोग निवास कर रहे हैं। 10 में से 6 लोग निगम सीमा में निवास कर रहे हैं, जबकि 4 गांव में। जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया का कहना है कि मकानों की गणना का कार्य पूरा हो गया है।
उप-जिलों में डबरा के बाद घाटिगांव (1.28 लाख), भितरवार (1.21 लाख) और चिनौर (1.11 लाख) सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र हैं। इसके विपरीत, सिटी सेंटर क्षेत्र में सबसे कम 19,309 की आबादी दर्ज की गई है, जो मुख्य रूप से पूर्णत: व्यावसायिक गतिविधियों और पॉश कॉलोनियों के सीमित आवासीय ढांचे को दर्शाती है। सिटी सेंटर में 8 राजस्व ग्राम हैं, जिसके कारण सेक्टर छोटा बना था।
ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल के लिए हैंडपंप व कुएं का उपयोग कर रहे हैं। चूल्हे पर रोटी बना रहे हैं। हालांकि गांव में लोग आज भी खुले में शौंच के लिए जा रहे हैं। शहर में फिल्टर व नॉन फिल्टर दोनों तरह का पानी उपयोग हो रहा है। जबकि ग्रामीण में बिना फिल्टर पानी पी रहे हैं।
सर्वे का पैमाना----------------------------कुल आंकड़ा
कुल चिन्हित जनगणना मकान-----------6,24,875
पूरी तरह आवासीय उपयोग में--------------4,49,675
खाली पड़े मकान (कुल जिले में)-----------55,288
खाली पड़े मकान (सिर्फ नगर निगम में)---44,371
गैर-आवासीय उपयोग (दुकान/गोदाम)-----1,01,795
आंशिक रूप से आवासीय मकान------------18,117