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Dholpur: स्वीकृत लोड से 2-3 गुना बिजली उपभोग और छीजत दे रही दर्द

धौलपुर. आसमान से बरस रहीं आग और 46 डिग्री तापमान ने विद्युत तंत्र की सांसे फुला दी हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ा वैसे-वैसे लोग फ्रिज, कूलर, ऐसी, पंखा का ज्यादा उपयोग करने के कारण विद्युत तंत्र पर ज्यादा लोड बढऩे से केबल फॉल्ट व ट्रांसफॉर्मर जलने की मामले सामने आए, पिछले एक माह के दौरान जिले भर में 60 से अधिक ओवर लोड के कारण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए।

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Dholpur news

धौलपुर. आसमान से बरस रहीं आग और 46 डिग्री तापमान ने विद्युत तंत्र की सांसे फुला दी हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ा वैसे-वैसे लोग फ्रिज, कूलर, ऐसी, पंखा का ज्यादा उपयोग करने के कारण विद्युत तंत्र पर ज्यादा लोड बढऩे से केबल फॉल्ट व ट्रांसफॉर्मर जलने की मामले सामने आए, पिछले एक माह के दौरान जिले भर में 60 से अधिक ओवर लोड के कारण ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए। तो वहीं अंधड़ में डिस्कॉम को 20 लाख की चपत लगी है। इस दौरान 125 पोल टूटे व 12 जगह ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए।

डिस्कॉम अधिकारियों की मानें तो विद्युत तंत्र में फॉल्ट बढऩे के दो प्रमुख कारण है। पहला बिजली छीजत तो दूसरा उपभोक्ता के स्वीकृत लोड व वास्तविक लोड में अन्तर। घरेलू व अघरेलू श्रेणी के उपभोक्त बिजली तंत्र से स्वीकृत लोड का 2-3 गुना बिजली खींच रहे हैं। जिस कारण डिस्कॉम का विद्युत तंत्र जिसने केबल व ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड स्थिति में हंै और इनके जलने से डिस्कॉम को अर्थिक नुकसान के साथ ईमानदार उपभोक्ता को भी समस्या झेलनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं ने कनेक्शन तो 1 या 2 किलोवाट के लिए हुए हैं, जबकि वास्तविक लोड 3 से 4 किलोवाट है। जिसके लोड का दबाव केबल व ट्रांसफॉर्मर पर पड़ रहा है। केबल व ट्रांसफॉर्मर जलने की स्थिति में विद्युत तंत्र से जुड़े सभी उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति व्यवधान की समस्या झेलनी पड़ रहीं है।

बिजली छीजत भी दे रही दर्द

तो वहीं शहर से लेकर जिले भर में बिजली छीजत भी जोरों पर है। हालांकि पिछले कुछ समय में डिस्कॉम के प्रयासों के छीजत का आंकड़ा 22 से 23 प्रतिशत पर आ गया है, लेकिन गर्मियों के मौसम में छीजत का असर दोगुना दिखता है। शहर में कई कॉलोनियां और क्षेत्र ऐसे हैं जहां अभी भी बिजली चोरी जमकर की जा रही है। यही कारण है कि विद्युत तंत्र पर लोड़ बढ़ रहा है।

सर्दियों के मुकाबले 70 प्रतिशत बढ़ी खपत

बिजली खपत की बात करें तो इस समय सर्दियों में धौलपुर शहर की विद्युत खपत प्रतिदिन 10 लाख यूनिट थी, जबकि मई माह में बढकऱ 17 लाख हो गई है। सर्दियों के मुकाबले मई में विद्युत खपत यकायक 70 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। खपत बढऩे का कारण बड़े स्तर पर एसी, कूलर, पंखा का उपयोग माना जाता है।

उपभोक्ता वास्तविक लोड के बराबर करवाए स्वीकृत भार

डिस्कॉम की जानकारी अनुसार 70-80 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपना स्वीकृत लोड, वास्तविक लोड के अनुसार नहीं बढ़ाया है, जिस कारण डिस्कॉम को ओवरलोड की समस्या झेलनी पद रहीं हैं। जिस घर में 1 एसी है तो उस उपभोक्ता का लोड 3-5 किलोवाट के बीच रहता है। यदि कनेक्शन सिंगल फेज है और लोड 4-5 किलोवाट से ज्यादा जाता है तो मीटर टर्मिनल या घर की केबलों में आग लगने की संभावना बन जाती है इसलिए लोड 3 किलोवाट से ज्यादा होने पर 3 फेज कनेक्शन पर्याप्त होता है जिससे घर का लोड 1 फेज की बजाय 3 फेज पर बेट सके और इस समस्या का समाधान हो सके।

अंधड़ से डिस्कॉम को 20 लाख का नुकसान

गुरुवार और शुक्रवार की शाम आए अंधड़ बारिश ने डिस्कॉम तंत्र का भारी नुकसान पहुंचाया है। डिस्कॉम की मानें तो इन दो दिनों में 33 केवी फीडर मरेना, जाटोली, सैंपऊ बसाई डांग, नादनपुर, बसेडी में फॉल्ट हुआ साथ ही 11 केवी के कई दर्जन फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। तो वहीं धौलपुर शहर में अंडरग्राउण्ड केबल फॉल्ट की समस्या भी कई जगह देखने को मिली। जिसे फीडर इंचार्ज व एफआरटी टीम रात भर दुरुस्त करते नजर आए। डिस्कॉम की मानें तो इन दो दिनों में विभाग को 20 लाख की चपत लगी है। इस दौरान 125 पोल टूटे व 12 जगह ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए। हालांकि बारिश से डिस्कॉम की बिजली खपत कम हुई और गुरुवार को 44 लाख यूनिट से घटकर शुक्रवार को 35 लाख यूनिट तक घट गई, जो डिस्कॉम के लिए राहत की बात रही।घरेलू व अघरेलू श्रेणी के उपभोक्त बिजली तंत्र से स्वीकृत लोड का 2-3 गुना बिजली अतिरिक्त खींच रहे हैं। जिस कारण बिजली का लोड बढ़ रहा है। उपभोक्ता वास्तविक लोड के बराबर ही स्वीकृत भार करवाएं।

गुरुवार-शुक्रवार को आई आंधी में डिस्कॉम में 20 लाख का नुकसान हुआ है। कई जगह केबल और ट्रांसफार्मर खराब हो गए। जिन्हें रात भर दुरुस्त किया गया।

-विवेक शर्मा, एसई डिस्कॉम धौलपुर