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MP में टीचर ने छात्र को इतना पीटा की चली गई जान, बुक भूलने पर दी सजा

mp news: मामला सामने आने के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है। मृतक छात्र के परिजनों ने शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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teacher assaulted student for forgetting book (फोटो- AI जनरेटेड)

mp news: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है। जिले के तेंदूखेड़ा के निजी विद्यालय में हुई मारपीट मामले में तीन महीने से उपचाररत एक छात्र की शुक्रवार को भोपाल एम्स में मौत हो गई। जिसके बाद परिजन सीधे बच्चे का शव लेकर देर रात दमोह एसपी कार्यालय पहुंचे और घंटों तक कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। इस दौरान आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।कोतवाली टीआई ने एसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल गठित कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद ही परिजन तेंदूखेड़ा के लिए रवाना हुए।

बता दें कि नगर के वार्ड क्रमांक 9 निवासी काव्य पिता दामोदर नामदेव आईईएस पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि 19 फरवरी को स्कूल की शिक्षिका ने होमवर्क पूरा न करने पर छात्र के हाथ, पैर और सिर में स्केल से मारपीट की थी। इसके सात दिन बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी, उसे तेज बुखार आया और उसने खाना-पीना छोड़ दिया। परिजन पहले उसे तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर जबलपुर और इसके बाद भोपाल के रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार एमआरआई रिपोर्ट में सिर में सूजन की पुष्टि हुई थी। पहले बच्चे को जबलपुर के अपोलो अस्पताल और फिर भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया, जहां पिछले करीब ढाई महीने से उसका उपचार भोपाल में चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है।

मृतक छात्र काव्य नामदेव

एसपी कार्यालय में शव रखकर किया इंतजार

शनिवार अल सुबह करीब 5 बजे परिजन शव लेकर दमोह एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां पर करीब 6 घंटे तक शव रखकर कार्यालय परिसर में ही बैठे रहे। इस दौरान परिजन एसपी से मिलने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन किसी कारणवश एसपी कार्यालय नहीं पहुंच सके। बाद में उन्होंने दमोह कोतवाली टीआई मनीष कुमार को एसपी कार्यालय भेजा, जहां उन्होंने मृतक के परिजनों की पूरी बात सुनी। साथ ही एसपी द्वारा दिए गए जांच के आश्वासन की बात परिजनों से कही। शव का पोस्टमॉर्टम भी कराने कहा गया। इसके बाद परिजन माने और पैनल पोस्टमॉर्टम के बाद दोपहर 12 बजे के बाद दमोह से रवाना हुए।

तेंदूखेड़ा में भी किया प्रदर्शन

तेंदूखेड़ा पहुंचने पर परिजनों ने दमोह-जबलपुर हाईवे पर एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन किया और एक तरफ जाम लगा दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाइश एवं आश्वासन देने के बाद एक तरफ के मार्ग पर लगा जाम हटा दिया गया मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दमोह से डीएसपी, तेंदूखेड़ा थाना पुलिस सहित जबेरा, नोहटा, तेजगढ़, तारादेही और इमलिया चौकी की पुलिस मौके पर तैनात रही।
क्या है परिजनों की मांग

मामले में मृतका की मां प्रीति नामदेव का कहना है कि उन्होंने अपना बेटा खोया है। तीन महीने में उनका सब कुछ बिक गया और बेटे को भी नहीं बचा पाए। उन्होंने मांग की है कि जितना भी खर्चा उनके बेटे की इलाज पर आया है, उतनी राशि स्कूल प्रबंधन से मिले। इसके अलावा जो-जो इस मामले में आरोपी है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे किसी और के बेटे के साथ ऐसा न हो सके। इसके अलावा पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच भी उनके सामने रखी जाए, जिससे स्पष्ट हो सके कि क्या कार्रवाई चल रही है। मामले में स्कूल संचालक विक्रम सिंह राजपूत ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के इलाज में हरसंभव आर्थिक सहयोग भी किया। मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए।
वर्शन

पुलिस ने कहा ये-

मामले में मुकदमा पहले से कायम है पुलिस अधीक्षक दमोह के निर्देशन में कार्रवाई आगे की जाएगी पीएम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं उसके अनुसार बढाई जा सकेंगी।- रविंद्र बागरी, तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी