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दमोह, May 22, 2026

दमोह में मामूली बुखार में डॉक्टर ने ग्लूकोज की बॉटल में मिलाकर लगा दिए इंजेक्शन, लड़की की मौत

Damoh- आरोप: दवा के हैवी डोज ने ली जान, पहले भी सील हो चुका है क्लीनिक, दमोह जिले के रनेह थाना क्षेत्र के ग्राम महेवा का मामला

Girl dies in Damoh after receiving an injection for a mild fever

Girl dies in Damoh after receiving an injection for a mild fever (Representational Photo)

Damoh- एमपी के दमोह जिले के पटेरा में मामूली बुखार से पीडि़त 17 वर्षीय रिंकी बर्मन की दवाओं के हैवी डोज से मौत हो गई। बुधवार की दोपहर परिजन गांव के एक निजी क्लीनिक ले गए थे। यहां कथित फर्जी डॉक्टर लीलाधर अहिरवार ने ग्लूकोज की बॉटल में 7 दवाएं इंजेक्शन से मिलाकर चढ़ा दीं। जब किशोरी ने प्यास लगने की बात कही तो एक और इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। घर पहुंचते ही उसकी तबीयत और बिगड़ी, शरीर ठंडा पडऩे लगा तब वे शाम 4 बजे सामुदायिक अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि दवाओं के हैवी डोज के चलते उसकी मौत हुई। परिजनों के हंगामे के बाद गुरुवार सुबह किशोरी का पोस्टमार्टम हुआ।

पटेरा के पास रनेह थाना क्षेत्र के महेवा की रिंकी बर्मन की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप डॉक्टरों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने किशोरी का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम किया। पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

परिजनों के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब 12 बजे गंगा बर्मन अपनी बेटी को इलाज के लिए पटेरा स्थित कथित डॉक्टर लीलाधर अहिरवार के पास लेकर पहुंचे। आरोप है कि इलाज के नाम पर एक ही बॉटल में 7 से 8 इंजेक्शन मिलाकर बच्ची को चढ़ा दिए गए। हालत बिगडऩे पर जब बच्ची ने प्यास की बात कही, तो उसे एक और इंजेक्शन लगाया गया और कहा गया अब पानी नहीं मांगेगी, इसके बाद डॉक्टर ने बच्ची को घर भेज दिया। घर पहुंचते ही बच्ची की तबीयत अचानक बिगडऩे लगी, शरीर ठंडा पड़ गया। घबराए परिजन तुरंत पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शाम को शव सुरक्षित रखवाया गया और अगले दिन पोस्टमार्टम की बात कही गई, लेकिन सुबह तक परिजनों की सुनवाई नहीं हुई। मामले में पटेरा थाना पुलिस ने शाम तक प्रकरण दर्ज नहीं किया था।

सख्त कार्रवाई की मांग

परिजनों ने साफ कहा है कि आरोपी झोलाछाप डॉक्टर पर कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पटेरा पुलिस और शासकीय स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कार्रवाई नहीं होने पर दमोह एसपी कार्यालय में धरना देने की चेतावनी दी गई है।

पटेरा के थाना प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि लड़की की मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया था, उनकी बात सुनी गई है। प्रकरण में कार्रवाई की जा रही है। आगे अपडेट दिया जाएगा।

आक्रोशित परिजनों ने किया चक्काजाम

आक्रोशित होकर परिजनों ने गुरुवार को करीब 11:30 बजे पटेरा-हटा मार्ग पर मुक्तिधाम के पास चक्काजाम कर दिया। इस दौरान करीब घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। परिजनों का आरोप था कि झोलाछाप के ओवरडोज इंजेक्शन देने से उनकी बच्ची की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया। इसके बाद करीब 12:30 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई।

पहले भी लापरवाही, विभाग की अनदेखी

कथित डॉ. लीलाधर अहिरवार पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। उसके क्लीनिक को लापरवाही के चलते सील भी किया जा चुका है लेकिन विभाग ने बाद में अनदेखी की। इसके बाद क्लीनिक निरंतर संचालित होती रही।

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