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RR vs GT मैच में दो बार टॉस होने पर मचा बवाल, 2013 की सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट से जुड़ने लगे तार, क्या लेगा BCCI एक्शन?

Match Fixing Controversies In IPL: आईपीएल 2026 में गुजरात और राजस्थान के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मैच में फिक्सिंग के आरोप लगने लगे हैं। इस घटना ने साल 2013 के सुप्रीम कोर्ट की मुदगल कमेटी रिपोर्ट वाले फिक्सिंग कांड की यादें ताजा कर दी हैं।

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आईपीएल मैच फिक्सिंग विवाद (Photo - IANS)

IPL 2026 match fixing allegations Qualifier 2: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के क्वालिफायर 2 मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) ने राजस्थान रॉयल्स (RR) को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। लेकिन अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में हार-जीत से ज्यादा चर्चा मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोपों की हो रही है। मैदान पर हुए कुछ अजीब ड्रामे ने फैंस को साल 2013 के उस काले इतिहास की याद दिला दी है, जिसने भारतीय क्रिकेट को हिलाकर रख दिया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बीसीसीआई (BCCI) इस पर सख्त एक्शन लेगी या इतिहास खुद को दोहराएगा?

एक मैच में दो बार टॉस और छूटा आसान कैच

इस ताजा विवाद की शुरुआत टॉस के वक्त हुई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने सिक्का उछाला और राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने 'हेड्स' बोला। सिक्का गिरा और 'टेल्स' आया, यानी गुजरात टॉस जीत चुका था। लेकिन मैच रेफरी प्रकाश भट्ट को आवाज न आने के कारण कन्फ्यूजन हुआ और ब्रॉडकास्टर रवि शास्त्री ने दोबारा टॉस करा दिया। दोबारा हुए टॉस में राजस्थान जीत गई और उन्होंने बल्लेबाजी चुन ली। शुभमन गिल इससे बेहद निराश दिखे।

इसके बाद चौथे ओवर में राजस्थान के डोनोवन फरेरा ने साई सुदर्शन का एक बेहद आसान कैच छोड़ दिया। इन दो घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे सीधे फिक्सिंग से जोड़ना शुरू कर दिया। हालांकि, गुजरात ने मैच 7 विकेट से जीत लिया और शुभमन गिल ने 53 गेंदों में 104 रनों की तूफानी पारी खेली।

2013 में जब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

इस घटना ने फैंस को 12 मई 2013 को जयपुर में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच हुए उस मैच की याद दिला दी, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट की मुदगल कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, CSK के पूर्व टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन ने सट्टेबाज विंदू दारा सिंह को मैच से पहले ही बता दिया था कि उनकी टीम 130-140 रन ही बनाएगी। उस मैच में बल्लेबाजों का रवैया भी काफी अजीब था। धोनी और सुरेश रैना के अचानक आउट होने से रन रेट धीमा हो गया था। दिग्गज हिटर होने के बावजूद पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगा था।

सट्टेबाजी से कमाया मुनाफा

मयप्पन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी ही टीम के खिलाफ सट्टा लगाकर भारी मुनाफा कमाया था। तब चेन्नई पुलिस की पूछताछ में उत्तम जैन (किट्टी) नाम के शख्स ने खुलासा किया था कि एक सीनियर खिलाड़ी प्लान के मुताबिक खेलने को तैयार हुआ था। राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले ने भी तब कमेटी को खेल के समीकरण समझाए थे, जिसके बाद ललित मोदी ने एन. श्रीनिवासन पर लाइफ बैन की मांग की थी।

क्या इस बार होगा कड़ा एक्शन?

साल 2013 में मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी पाया गया था और भारी बवाल हुआ था। अब 2026 के क्वालिफायर 2 में दो बार टॉस होने और सोशल मीडिया पर फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद हर कोई यही देख रहा है कि क्या क्रिकेट बोर्ड इस बार कोई सख्त कदम उठाएगा या मामला सिर्फ एक इंसानी गलती मानकर रफा-दफा हो जाएगा।