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‘मैंने रॉकेट साइंस जैसा कुछ नहीं किया’, 36 साल की उम्र में भी ऑरेंज कैप की रेस में शामिल भुवनेश्‍वर कुमार के बयान ने जीता दिल

Bhuvneshwar Kumar on IPL 2026 Final: गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल 2026 फाइनल मुकाबले से पहले आरसीबी के स्‍टार गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार अपने शानदार प्रदर्शन को लेकर दिल जीतने वाला बयान दिया है।

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आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/RCBTweets)

Bhuvneshwar Kumar on IPL 2026 Final: डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2026 के फाइनल में अपने लगातार दूसरे खिताब की उम्‍मीद होगा। आरसीबी को यहां तक पहुंचाने में सिर्फ विराट कोहली जैसे बल्‍लेबाजों का हाथी नहीं है, 36 साल के भुवनेश्‍वर कुमार का भी बड़ा हाथ है। उन्‍होंने आरसीबी के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 26 विकेट चटकाए हैं, जिसमें एक चार विकेट हॉल भी शामिल है। इस उम्र में भी वह ऐसा प्रदर्शन कैसे कर पा रहे हैं। इसको लेकर ब्रॉडकास्‍टर ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच से पहले भुवी से बात की तो उन्‍होंने बिना किसी लाग-लपेट सादगी भरा जवाब देकर दिल जीत लिया। आइये आपको भी बताते हैं कि उन्‍होंने क्‍या कहा?

'सच कहूं तो मैंने रॉकेट साइंस जैसा कुछ नहीं किया'

भुवनेश्वर कुमार ने अपने इस सफल सीजन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि मेरे लिए यह कहना बहुत आसान होगा कि मैंने कुछ अलग किया, लेकिन सच कहूं तो मैंने कुछ अलग नहीं किया है। आम तौर पर अगर मैं अलग-अलग बात करूं, तो फोकस इस बात पर रहता है कि आप अच्छा करना चाहते हैं। लेकिन, मेरा ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि मुझे क्या करना चाहिए, किन चीजों में मैं अच्छा कर सकता हूं। इनमें प्रैक्टिस और फिटनेस जैसी चीजें शामिल हैं। अगर बॉलिंग की बात करें, तो मैंने यहां आने से पहले उस पर भी काम करने की कोशिश की थी। हालांकि, मैं सच कहूं तो मैंने रॉकेट साइंस जैसा कुछ नहीं किया। चीजे काफी आसान रही हैं।

'रनिंग भी उतनी ही जरूरी'

वहीं, उन्‍होंने अपनी तैयारियों को लेकर कहा कि ऑफ-सीजन में मैं ज्‍यादा क्रिकेट नहीं खेलता, तो कहीं न कहीं मुझे फिटनेस पर फोकस करने का पूरा मौका मिलता है। इस फॉर्मेट में आम तौर पर किन चीजों की जरूरत होती है, क्योंकि यह बहुत तेज फॉर्मेट है और फिटनेस बहुत जरूरी है। हम जिम की बात करते हैं, लेकिन रनिंग भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि बॉलिंग के साथ-साथ आपको ग्राउंड पर भी बहुत दौड़ना पड़ता है। ये वो चीजें थीं, जिन पर मैंने ध्यान दिया। मेरे सीनियर्स ने भी अच्छी चीजों पर बहुत ध्यान दिया और मुझे लगता है कि मैंने भी इन्हीं चीजों को अपनाया है।

'हम यहां आने के लायक थे'

बैक-टू-बैक फाइनल खेलने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्‍होंने कहा कि हम जानते हैं कि यह फाइनल है। जिस तरह से हमने खेला है, हम यहां आने के लायक थे। लेकिन, हमने पूरे टूर्नामेंट में जो किया, उससे कुछ अलग करने के बारे में बात नहीं की, क्योंकि हम जानते हैं कि यह फाइनल है, यह एक बड़ा मैच है। अगर हम जीतते हैं, तो हम ट्रॉफी जीतेंगे। लेकिन, हम वही चीजें करते रहना चाहते हैं, जो हमने पूरे टूर्नामेंट में की हैं, बहुत बेसिक चीजें।

'ये उनका होग ग्राउंड प्रेशर भी उन पर ज्‍यादा'

अहमदाबाद में मैच को लेकर उन्‍होंने कहा कि हमने इससे सबक सीखा है, लेकिन जो बात बहुत मायने रखती है वह यह है कि विकेट कैसा बर्ताव करता है। चाहे वह वैसा ही हो या नहीं। यह उनका होम ग्राउंड है। मुझे लगता है कि उन पर ज्‍यादा प्रेशर होगा, क्योंकि यह उनका होम ग्राउंड है। वे कंडीशंस जानते हैं और वे चीजों को अपने कंट्रोल में रखना चाहेंगे। लेकिन, यह एक वन-ऑफ गेम है, एक फाइनल गेम है, एक प्रेशर गेम है, तो मुझे नहीं लगता कि इससे कोई बड़ा फर्क पड़ेगा।

'प्‍लानिंग हो गई है'

गिल को बॉलिंग करने को लेकर क्‍या प्‍लान है? इस पर उन्‍होंने कहा कि मैं सिर्फ शुभमन की बात नहीं करूंगा। उनके दूसरे बैट्समैन भी हैं। उनके टॉप तीन, टीम उन पर काफी डिपेंड करती है और वे रन बना रहे हैं। तो हां बिल्कुल, प्लानिंग हो गई है और एग्ज़िक्यूशन होगा, लेकिन देखते हैं किसका दिन होता है।