E-Bikes Blast: छतरपुर का बिजी एरिया माने जाने वाले मार्केट में एक साथ दस इलेक्ट्रिक बाइक अचानक ब्लास्ट हो गई। गाड़ियों में आग लगते ही मार्केट में अफरा-तफरी मच गई।
E-Bikes Blast: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सनसनीखेज घटना की खबर सामने आई है। शहर का बिजी एरिया माने जाने वाले मार्केट में एक साथ दस इलेक्ट्रिक बाइक अचानक ब्लास्ट हो गई। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि दूरी तक उसकी आवाज सुनाई। गाड़ियों में आग लगते ही मार्केट में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का चौकानें वाला कारण सामने आया। घटना में किसी जनहानि की खबर नहीं है।
छतरपुर शहर के व्यस्त बस स्टैंड स्थित अपोलो क्रॉस मार्केट में शुक्रवार को डोमिनोज़ पिज़्ज़ा की होम डिलीवरी वाली ई-बाइकों की बैटरियों में अचानक ब्लास्ट हो गया। इस घटना में करीब 10 डिलीवरी गाडिय़ां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। घटना के समय बाजार में भगदड़ मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल छा गया।स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और कंट्रोल रूम को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम और आसपास के लोगों के सामूहिक प्रयास से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग इतनी भीषण थी कि आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ई-बाइक खड़ी करने वाली जगह के पास बिजली की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पैनल) लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या पास में पड़े कचरे में लगी आग से बैटरियों में ब्लास्ट हुआ। बैटरियों के फटने से आग तेजी से फैली। घटना ने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। इतने बड़े और व्यस्त मार्केट में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण नहीं होने से आग पर काबू पाने में काफी देरी हुई।
स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होते तो नुकसान सीमित रह सकता था। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। डोमिनोज़ कंपनी की ई-बाइक्स की बैटरी क्वालिटी और रख-रखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छतरपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि किसी की लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी ऐसी महीने में लगभग दो से तीन घटनाएं सामने आती रहती है।