Twisha Sharma Case- भोपाल सेंट्रल जेल में ही 29 अपराधी भी मौजूद है जिन्हे जज रहते गिरिबाला सिंह ने सजा सुनाई थी। जेल प्रशासन के लिए गिरिबाला सिंह सुरक्षा चुनौती बन रही है।
Twisha Sharma Case- भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत के तहत आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया है। पिछले पांच दिन से दोनों आरोपी जेल में अपनी जिंदगी बीता रहे है। हालांकि, इसमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इसी जेल में वही 29 अपराधी भी मौजूद है जिन्हे जज रहते गिरिबाला सिंह ने सजा सुनाई थी। पूर्व जज अपने गुनाह की सजा काट रहे इन्हीं अपराधियों के बीच में रह रही है। जेल प्रशासन के लिए गिरिबाला सिंह सुरक्षा चुनौती बन रही है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि जेल में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह का क्या होगा?
बताया जा रहा है कि गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के लिए एक ऐसा सुरक्षा प्लान तैयार किया है जो सिर्फ खूंखार, कुख्यात अपराधी या आतंकियों के लिए बनाया जाता हैं। आरोपियों पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए भोपाल सेंट्रल जेल प्रसाशन ने बैरकों के बाहर अतिरिक्त नाईट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इसकी निगरानी जेल हेडक्वाटर से की जा रहा है। इसके अलावा दोनों आरोपियों के बैरकों की बाहर कुल 12 जेल प्रहरी तैनात किए गए है। गिरिबाला सिंह को वार्ड के बाहर 7 महिला प्रहरी और समर्थ के बैरक के बाहर 5 प्रहरी तैनात किए गए है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों को जेल के अंदर ऐसे रखा जा रहा है जैसे वे जेल के अंदर किसी जेल में हों। ऐसे में उन्हें बाकी कैदियों की तरह जेल परिसर में खुलकर घूमने की आजादी नहीं मिल पाएगी।
जेल प्रसाशन ने गिरिबाला और समर्थ सिंह की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है। हालांकि, लॉ के जानकारों का मानना है कि अगर दोनों हाई प्रोफाइल आरोपियों की सुरक्षा पर फिर भी किसी प्रकार के खतरे की जानकारी मिली तो जेल प्रशासन कोर्ट से उन्हें प्रदेश के दूसरी जेल में शिफ्ट करने की शिफारिश कर सकता है।
वहीं इसके अलावा, जेल में गिरिबाला सिंह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने उनके द्वारा सजा पाई एक महिला कैदी को उनके बैरक के पास से जेल के दूसरे हिस्से में शिफ्ट कर दिया है। ट्रांसफर की गई कैदी कोमल पांडे को गिरिबाला सिंह की कोर्ट ने 2013 में सामने आए एक केस में दोषी ठहराया था। यह केस कथित मेडिकल एडमिशन फ्रॉड और जालसाजी से जुड़ा था।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी सीबीआई की इन्वेस्टीगेशन अपने अंतिम चरण में है। इसका संकेत उसी दिन मिलता दिखा गया था जब गिरिबाला और समर्थ सिंह की सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने दोबारा रिमांड मांगकर पूछताछ करने की जरुरत नहीं समझी थी। अगर सब सही रहा तो सीबीआई अगले चार सप्ताह के भीतर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट दाखिल कर देगी।