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पास आ गईं भोपाल की 100 कॉलोनियां, अतिक्रमण हटने से कम हो गई बीच की दूरी

Piplani colonies- अब सीधे जुड़ेगा अयोध्या बायपास और पिपलानी मेन रोड, 100 से ज्यादा निर्माण हटाए, 40 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, 20 साल पुराना अतिक्रमण साफ, झुग्गी से शुरू हुआ था कब्जा, फिर तन गए थे मकान-दुकान

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Removal of encroachments in Piplani brings 100 Bhopal colonies closer

Bhopal Colonies- भोपाल में अयोध्या बायपास फोरलेन को पिपलानी मेन रोड से कनेक्टिविटी देने का रास्ता साफ हो गया है। 20 साल बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ने मिलकर दो प्रमुख मार्ग के बीच मौजूद 20 हजार के आबादी क्षेत्र के अतिक्रमण को साफ कर दिया है। जिला प्रशासन और नगर निगम की निगरानी में शनिवार को पिपलानी लेबर कॉलोनी स्लम एरिया में बड़ी अतिक्रमण कार्रवाई शुरू की गई। यहां लगभग 44000 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर 20 साल से रहवासी और व्यावसायिक अतिक्रमण कर लिए गए थे। जिला प्रशासन ने एक महीने से यहां नोटिस जारी किया था। यहां 70 दुकान, 42 स्लम कंस्ट्रक्शन सहित एक धर्मस्थल तैयार कर लिया गया था सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के बाद लेबर कॉलोनी, चमारन बस्ती को पूरी तरह से समतल जमीन में तब्दील कर दिया गया है। यहां बुलडोजर चलाने से राजधानी की करीब 100 कॉलोनियों के बीच की दूरी भी कम हो गई है।

पिपलानी लेबर कॉलोनी स्लम एरिया से शनिवार को सख्ती से अतिक्रमण हटाया। जिला प्रशासन का दावा है कि अयोध्या बायपास फोर लेन और पिपलानी मेन रोड की कनेक्टिविटी बेहतर होने से ग्लोबल स्किल पार्क में आने वाली बड़ी आइटी कंपनी और आइटी ट्रेनिंग सेंटर शहर से बेहतर कनेक्ट हो सकेंगे।

100 कॉलोनियों के बीच दूरी कम हुई

पिपलानी लेबर कॉलोनी के अतिक्रमण साफ होने के बाद अयोध्या बायपास और पिपलानी मुख्य मार्ग सहित आनंद नगर पटेल नगर की 100 से ज्यादा कॉलोनियों के बीच दूरी कम हो गई है। पहले इन्हें रत्नागिरी तिराहे एवं जेके रोड से चक्कर लगाकर अयोध्या बायपास तक पहुंचाना पड़ता था। लेबर कॉलोनी में बहुत ज्यादा अतिक्रमण हो गए थे। यहां कई बार कानून व्यवस्था बिगडऩे जैसे हालात भी निर्मित हुए हैं। स्लम एरिया में अपराधी किस्म के तत्वों की संख्या बढ़ रही थी। पिपलानी थाने में दर्ज ज्यादातर अपराध के मामलों के आरोपी इसी क्षेत्र से आते हैं।

कांग्रेसियों ने कार्रवाई पर विरोध जताया

प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को पर्याप्त सूचना दिए बिना उनके मकान और दुकानें तोड़ी गई हैं। कांग्रेसियों ने कहा कि विकास के नाम पर गरीब और मेहनतकश लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

जमीन बेशकीमती:

एसडीएम भुवन गुप्ता के अनुसार, मौके पर 210 मीटर पीडब्लूडी सड़क के दोनों ओर 4 हजार वर्ग मीटर यानी, 43 हजार वर्गफीट जमीन की कीमत 40 करोड़ रुपए है। इसी जमीन पर लंबे समय से कब्जा था जिसे अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। यहां पर पीडब्ल्यूडी फोरलेन सड़क और ब्रिज का निर्माण कराएगा।