MP Monsoon : इस बार मानसून सामान्य समय से करीब 5-7 दिन देरी से प्रदेश में दस्तक दे सकता है। यानी प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच हो सकती है।
MP Monsoon Update : मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। बताया जा रहा है कि, इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में एंटर हो सकता है। राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और जून के शुरुआती चार दिनों तक कई जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है।
वैसे तो मई का महीना भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। शुरुआती दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी के साथ साथ लू की चपेट में रहा थी। लेकिन महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली और भीषण गर्मी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का भी सामना किया। स्थिति ये रही कि मई मे औसत से करीब आधा इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए एमपी के धार और खरगोन जिलों के लिए ओलावृष्टि और बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, सूबे के झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में आंधी, बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
लगातार बदलते मौसम के कारण प्रदेश में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री, जबलपुर का 36.4 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन का 37.5 डिग्री तथा भोपाल का 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर ऐसे जिले रहे, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सो में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
वहीं, ग्वालियर अंचल में पिछले साल मानसून ने समय से सात दिन पहले अंचल में दस्तक दी थी और जून महीने में ही अच्छी खासी वर्षा हुई थी। लेकिन इस बार प्री मानसून गतिविधियों में भी कम वर्षा देखने को मिल सकती है। इस बार मानसून चार से पांच दिन देरी से अंचल में एंटर होने की संभावना है। सकता है, क्योंकि एक जून को केरल में मानसून आता है, लेकिन अभी मानसून केरल से दूर अटका हुआ है।
मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र या चक्रवातीय तूफानों की वजह से या फिर अरब सागर में बने निम्नदाब क्षेत्र की वजह से होता है।