Census 2027 : नगर निगम क्षेत्र में जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण अभियान का पहला चरण पूरा हो गया है। शहर के सभी 21 प्रशासनिक जोनों में किए गए इस सर्वे में कुल 7,40,923 मकानों की पहचान हुई है, जबकि कई विभागों द्वारा ये आंकड़ा 5 लाख आंका जाता रहा है।
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नगर निगम क्षेत्र में जनगणना-2027 के मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) अभियान का पहला चरण पूरा कर लिया गया है। शहर के सभी 21 प्रशासनिक जोनों में किए गए इस सर्वे में कुल 7,40,923 मकानों की पहचान की गई है, जबकि कई विभागों में अनुमान आंकड़ा पांच लाख आंका जाता रहा है।
आंकड़ों में दो लाख का अंतर भोपाल के तेजी से और अनियोजित शहरी विकास के साथ - साथ उन नई कॉलोनियों के सामने आने को दर्शाता है, जो पहले रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं। ये पूरा सर्वे शहर के 3285 हाउस-लिस्टिंग ब्लॉकों में पूरा किया गया।
जनगणना के निष्कर्षों से पता चलता है कि, राजधानी में संपत्तियों के उपयोग के पैटर्न में बड़ा बदलाव आया है। कुल हाउसिंग स्टॉक का लगभग 14.7 प्रतिशत यानी 1,08,991 मकान गैर- आवासीय (कमर्शियल) श्रेणी में पाए गए हैं। इन संपत्तियों का उपयोग वर्तमान में दुकानों, कार्यालयों, गोदामों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रूप में किया जा रहा है। जोन 4 और जोन 21 में इन कमर्शियल यूनिट्स का घनत्व सबसे अधिक दर्ज किया गया। आवासीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियां नगर नियोजकों के लिए एक जटिल चुनौती पेश कर रही हैं।
सर्वे में एक बड़ा विरोधाभास भी सामने आया है। एक तरफ जहां आवास की मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर में भारी संख्या में मकान खाली पड़े हैं। कुल संपत्तियों में से 1,18,159 प्रॉपर्टीज खाली पाई गईं, जो कुल इन्वेंट्री का लगभग 15.9 प्रतिशत है। जोन 19 और जोन 13 में इन खाली पड़े मकानों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई।
आवासीय घनत्व के मामले में सर्वे से पता चला है कि कुल मकानों में से 5,23,328 सक्रिय आवासीय संपत्तियां हैं, जिनमें 5,39,320 परिवार रह रहे हैं। यह अंतर साफ करता है कि शहर के कई हिस्सों में एक ही मकान में एक से अधिक परिवार रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों जैसे जोन 17 में देखी गई, जहां 45,449 आवासीय संपत्तियों में 47,063 परिवार रह रहे हैं।
मामले को लेकर जनगणना कार्य के प्रमुख अधिकारी हीरेंद्र कुशवाह के अनुसार, तय समय से हफ्ताभर पहले काम पूरा कर अमले ने तीन-चार बार री-वेरिफिकेशन किया है। दिल्ली के निरीक्षण दल ने भी इस व्यवस्थित कार्य की सराहना की है।
इधर, जनगणना 2027 को लेकर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान नोडल अधिकारी संयुक्त कलेक्टर राजेश शुक्ला ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि, 'भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनगणना 2027 का आयोजन दो चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक निर्धारित था।'