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सिद्धि विनायक अस्पताल में जच्चा- बच्चा की मौत पर बवाल, बेटे की किलकारी के साथ रुक गईं मां की सांसें, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

Bareilly News: बरेली के सिद्धि विनायक अस्पताल में इलाज के दौरान जच्चा- बच्चा की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर...

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अस्पताल के बाहर हंगामा करते परिजन (फोटो- पत्रिका)

Bareilly News: घर में पांच साल बाद बेटे के जन्म की खुशियां मनाने की तैयारी चल रही थी। दो बेटियों के बाद परिवार को जिस बेटे का इंतजार था, उसकी किलकारी गूंजते ही घर में जश्न का माहौल बन गया था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद अस्पताल से आई दो खबरों ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। पहले नवजात की मौत हुई और फिर मां ने भी दम तोड़ दिया। चौकी चौराहा स्थित सिद्धि विनायक अस्पताल में हुई इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।

सुभाषनगर के अनुपम नगर निवासी शिवम कश्यप ने बताया कि उनकी 24 वर्षीय पत्नी शशि को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में शशि ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया और समय रहते उचित इलाज नहीं दिया।

पहले बेटे की मौत, फिर मां ने भी तोड़ा दम

परिजनों का कहना है कि शनिवार देर रात नवजात बेटे की मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि रविवार सुबह शशि ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार पर कुछ घंटों के भीतर दो मौतों का ऐसा पहाड़ टूटा कि घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवम का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने पहले इलाज और अन्य मदों का पूरा बिल जमा कराया। इसके बाद उन्हें पत्नी की मौत की जानकारी दी गई। यह सुनते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। आरोप है कि डॉक्टरों ने लगातार स्थिति को छिपाए रखा और मरीज की हालत को लेकर सही जानकारी नहीं दी।

पांच साल की शादी, दो बेटियां, अब उजड़ गया परिवार

शिवम ने बताया कि उसका विवाह पांच वर्ष पहले बदायूं जिले के उझानी निवासी शशि से हुआ था। दंपती की दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र महज दो वर्ष और एक वर्ष है। परिवार को बेटे के जन्म का इंतजार था, लेकिन अब दोनों बेटियों के सिर से मां का साया भी उठ गया और भाई भी दुनिया में आते ही चला गया।

जच्चा-बच्चा की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर इलाज और निगरानी की जाती तो मां और बेटे दोनों की जान बच सकती थी।

घटना के बाद अस्पताल में तनाव का माहौल बना रहा। वहीं, परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी इस मामले की तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी

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