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Alwar Road Project: राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ को बड़ी सौगात, 10 करोड़ से चमकेंगी 19 सड़कें

राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ और लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के निवासियों के लिए एक शानदार खबर है। सरकार ने इलाके की सड़कों का कायाकल्प करने के लिए 10 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कुल 33.55 किलोमीटर लंबी 19 नई सड़कें बनाई जाएंगी।

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अलवर के राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले लोगों का सफर अब बेहद आसान और आरामदायक होने वाला है। लंबे समय से खराब और टूटी सड़कों की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत देने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए विभिन्न ग्रामीण और मुख्य संपर्क मार्गों के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कुल 19 अलग-अलग सड़कों को नया रूप दिया जाएगा।

मुख्य सड़कों का निर्माण होगा

इस प्रोजेक्ट के तहत जिन मुख्य सड़कों का निर्माण होना है, उनका पूरा ब्योरा भी सामने आ गया है। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, नांगल सोहन से खोहरा चौहान तक 1.40 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 38.50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसी तरह, टोडरबास से नांगल खानजादी तक बनने वाली 1.60 किलोमीटर लंबी सड़क पर 44.50 लाख रुपये खर्च होंगे। क्षेत्र के वाहनों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले माचाड़ी बाइपास की 1.50 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी 44.50 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा।

इनको भी मिली मंजूरी

इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों को आपस में जोड़ने वाली कई अन्य सड़कों को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है। एमडीआर 151 से सीहरा का बास कल्याणपुरा तक 1 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 35.50 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।

वहीं, भूलेरी से जामडोली तक बनने वाली 2 किलोमीटर की सड़क पर 54.50 लाख रुपये और माचाड़ी पाटन सड़क से मानपुरा सड़क वाया पाटन का बास तक 2 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 59.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, पाटन से गुगडोद तक जाने वाली 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी 54.50 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।

गांवों की बदलेगी सूरत

इन 19 सड़कों के बन जाने से राजगढ़ और लक्ष्मणगढ़ के दर्जनों गांवों की सूरत बदल जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें खराब होने की वजह से आए दिन हादसे होते थे और बारिश के दिनों में तो पैदल चलना भी दूभर हो जाता था। नई सड़कों की मंजूरी मिलने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा ।

बल्कि किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने में भी आसानी होगी। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही इन सभी सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि काम समय पर पूरा हो सके।