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अलवर में छात्रवृत्ति घोटाला, 5 स्कूलों की ID हैक कर भरे 143 फर्जी फॉर्म, FIR दर्ज

अलवर में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पांच निजी स्कूलों की लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल कर 143 संदिग्ध आवेदन किए गए। मामले का खुलासा जांच के दौरान हुआ, जिसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

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राजस्थान के अलवर जिले में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में पता चला है कि पांच निजी शिक्षण संस्थानों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर कुल 143 संदिग्ध आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए गए। मामला सामने आने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सीमा कुमारी ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों से जुड़ा हुआ है।

फर्जी आवेदन किए गए

विभाग की ओर से जब आवेदनों की समीक्षा और सत्यापन किया गया तो कई आवेदन संदिग्ध पाए गए। जांच में सामने आया कि कुछ स्कूलों के नाम और उनकी लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल ऐसे छात्रों के आवेदन भरने में किया गया, जिनका उन स्कूलों से कोई संबंध नहीं था। जांच के दौरान वार्ड 28 स्थित ज्योति पब्लिक स्कूल के नाम से 46 आवेदन संदिग्ध मिले। वहीं आदर्श विद्या मंदिर मालाखेड़ा के नाम से 41, श्री विनायक आदर्श विद्या मंदिर से 38, वंदना सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 17 और लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल शेखपुर सदर के नाम से एक फर्जी आवेदन दर्ज होने की बात सामने आई है।


मामले के पीछे कौन लोग शामिल, जांच जारी

प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि कई छात्रों के नाम, पते और अन्य दस्तावेजों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। विभाग को शक है कि छात्रवृत्ति की राशि हासिल करने के उद्देश्य से यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया हो सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मामले के पीछे कौन लोग शामिल हैं और कितनी राशि का नुकसान हुआ है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जाएगा कि स्कूलों की लॉगिन आईडी किस तरह हासिल की गई और किन लोगों ने पोर्टल पर फर्जी आवेदन अपलोड किए। विभाग ने संबंधित स्कूलों से भी जानकारी मांगी है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद छात्रवृत्ति योजनाओं की ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस पूरे मामले को लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा की जिम्मेदारों पर क्या करवाई होती है।