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Surrender Maoist angry: आत्मसमर्पित नक्सली एरिया कमांडर ने जताई नाराजगी, बोला- मदद नहीं मिली तो परिवार संग आत्महत्या की नौबत

Surrender Maoist angry: आत्मसमर्पित नक्सली सीताराम का कहना कि प्रधानमंत्री आवास योजना में कर्ज लेकर बनाया मकान, शासन से नहीं मिली पूरी राशि, निर्माण सामग्री देने वाले अब कर रहे पैसों की मांग

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Surrender Maoist angry

Surrendered Naxal area commander Sita Ram Sonwani (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक आत्मसमर्पित नक्सली कमांडर (Surrender Maoist angry) ने सरकारी सिस्टम से परेशान है। वह मंगलवार को आईजी से मिलने अंबिकापुर पहुंचा था। लेकिन आईजी के किसी कार्य से जिला मुख्यालय में न होने के कारण उसकी मुलकात नहीं हो पाई। उसने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि उसे नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ नहीं मिला तो उसे परिवार के साथ आत्महत्या करने या फिर मजबूरी में घर छोडऩे की नौबत आ सकती है।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चलगली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गम्हरिया निवासी सीताराम सोनवानी उर्फ बालकुंवर ने वर्ष 2021 में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender Maoist angry) किया था। वह पहले नक्सली संगठन में एरिया कमांडर के रूप में सक्रिय था। सीताराम का कहना है कि उसने मुख्यधारा में लौटने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कर्ज लेकर मकान का निर्माण कराया।

लेकिन अब निर्माण सामग्री देने वाले व्यापारी लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहे हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह भुगतान नहीं कर पा रहा है, जिससे वह काफी परेशान है। उसने बताया कि नक्सल (Surrender Maoist angry) पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ अब तक उसे नहीं मिल पाया है।

इसी कारण वह अपनी समस्या लेकर अंबिकापुर पहुंचा और मीडिया के सामने अपनी पीड़ा जाहिर की। सीताराम ने कहा कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो उसे फिर से घर छोडक़र जाने की मजबूरी (Surrender Maoist angry) हो सकती है।

Surrender Maoist angry: 2021 में किया था आत्मसमर्पण

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार, सीताराम उर्फ बालकुंवर सोनवानी वर्ष 2003 में नक्सली संगठन से जुड़ा था और चलगली क्षेत्र में एरिया कमांडर (Surrender Maoist angry) के रूप में सक्रिय था।

शासन की नक्सल पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उसने 26 फरवरी 2021 को पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। प्रमाण पत्र में यह भी उल्लेख है कि उसे और उसके परिवार को शासन की पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं के उद्देश्य से यह प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

पीएम आवास का मात्र एक किश्त ही मिला

सीताराम का कहना है कि आत्मसर्ममण (Surrender Maoist angry) के दौरान शासन नीति के तहत घर, जमीन, रोजगार देने की बात कही गई थी। लेकिन घर के नाम पर पीएम आवास निर्माण के लिए मात्र 40 हजार का एक किश्त ही दिया गया। उसने कर्ज लेकर घर बनाया। जिला प्रशासन द्वारा कहा गया था कि मकान पूर्ण होने के बाद शेष राशि जारी कर दी जाएगी, लेकिन आज तक नहीं मिला। कर्जदार अब परेशान कर रहे हैं।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं

सरगुजा आईजी दीपक झा का कहना है कि फिलहाल मेरे संज्ञान (Surrender Maoist angry) में नहीं आया है। जैसे ही मेरे पास आएगा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।