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Rigorous imprisonment to RI: कोर्ट ने रिश्वतखोर आरआई को दिया 4 वर्ष का कठोर कारावास, महिला से लिए थे 10 हजार

Rigorous imprisonment to RI: नक्शा काटने व रिकॉर्ड दूरूस्त करने के नाम पर राजस्व निरीक्षक ने ली थी रिश्वत, 5 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

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Rigorous imprisonment to RI

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अंबिकापुर. विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अंबिकापुर ममता पटेल ने रिश्वतखोर राजस्व निरीक्षक (आरआई) को 4 वर्ष की कठोर कारावास (Rigorous imprisonment to RI) की सजा सुनाई है। वर्ष 2020 में आरोपी ने अपने पद व अधिकार का गलत फायदा उठाते हुए नक्शा काटने व रिकॉर्ड दुरूस्त करने के नाम पर महिला से रिश्वत की मांग की थी। महिला ने मामले की शिकायत एसीबी से की थी। 7 अगस्त 2020 को एसीबी की टीम ने महिला से 8 हजार रुपए रिश्वत लेते आरोपी आरआई को गिरफ्तार किया था। जबकि महिला ने 2 हजार रुपए पहले ही उसे दिए थे।

अंबिकापुर के कृष्णानगर निवासी अर्चना खाखा ने 17 जुलाई 2020 को उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), अंबिकापुर में शिकायत (Rigorous imprisonment to RI) दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि वर्ष 2018 में उनके पति राकेश खाखा ने ग्राम ठाकुरपुर स्थित खसरा नंबर 542/12, रकबा 0.04 हेक्टेयर भूमि क्रय कर रजिस्ट्री कराई थी।

नक्शा काटने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के एवज में राजस्व निरीक्षक राजबहादुर सिंह उससे 10 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। उसने रिश्वत देने से इनकार करते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने (Rigorous imprisonment to RI) का निर्णय लिया। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह 10 हजार रुपए से एक रुपया भी कम नहीं लेगा।

अगले दिन जमीन नापने के बाद उसने दोबारा रिश्वत की मांग की। इस दौरान महिला ने 2 हजार रुपए दिए और शेष 8 हजार रुपये नक्शा कटने के बाद देने की बात कही। इसके बाद 7 अगस्त 2020 को एसीबी द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई। पटवारी कार्यालय सह निवास फुन्दुरडिहारी, अंबिकापुर में आरोपी को 8 हजार रुपए की रिश्वत (Rigorous imprisonment to RI) लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

Rigorous imprisonment to RI: 4 साल बाद आया फैसला

विवेचना पूर्ण होने के बाद 22 जून 2021 को आरोपी के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। लंबी सुनवाई के बाद 28 जनवरी को न्यायालय ममता पटेल विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए 4 वर्ष का कठोर कारावास (Rigorous imprisonment to RI) की सजा सुनाई है।

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