14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जीत गया अलवर का राजगढ़; पत्रिका की मुहिम ‘राजगढ़ मांगे अपना हक’ लाई रंग

Alwar News: अलवर जिले के राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि इसी शैक्षणिक सत्र से कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई शुरू होगी। राजस्थान पत्रिका की मुहिम और स्थानीय आंदोलन के बाद यह फैसला हुआ।

2 min read
Google source verification

अलवर

image

Himesh Rana

Mar 14, 2026

School Holiday

School (Image-Patrika)

Alwar News: अलवर जिले के राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकर चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। केंद्र सरकार ने यहां केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय सामने आते ही राजगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग इसे अपनी लंबी लड़ाई और सामाजिक एकजुटता की जीत मान रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी जानकारी

अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बजट में स्वीकृत 85 नए केंद्रीय विद्यालयों में से एक विद्यालय राजगढ़ में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है।

रैणी शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर हुआ था विरोध

पहले प्रशासन की ओर से इस केंद्रीय विद्यालय को रैणी क्षेत्र के दलालपुर गांव में स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इस फैसले का राजगढ़ क्षेत्र में काफी विरोध हुआ। स्थानीय लोगों ने इसे राजगढ़ के साथ अन्याय बताते हुए आंदोलन शुरू कर दिया। कई दिनों तक बाजार बंद रहे और आमरण अनशन भी किया गया। सामाजिक, व्यापारिक और धार्मिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।

पत्रिका अभियान के बाद बना माहौल

इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया और “राजगढ़ मांगे अपना हक” शीर्षक से अभियान चलाया। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में जागरूकता बढ़ी और आंदोलन तेज हो गया। करीब 15 दिनों तक चले विरोध और जनसमर्थन के बाद अब केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ में ही स्थापित करने की घोषणा कर दी गई है।

पहले मंजूरी के बाद भी अटका था मामला

कांग्रेस सरकार के समय राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी दी गई थी, लेकिन निर्माण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में राज्य में सरकार बदलने के बाद जमीन चयन की प्रक्रिया शुरू हुई और टीम ने निरीक्षण भी किया। इसी बीच इसे रैणी में शिफ्ट करने की चर्चा सामने आई, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।