
बच्चों को पढ़ाती संजू। फोटो पत्रिका
Inspiration Story : यह कहानी अलवर के गाड़िया लोहार समुदाय की बेटी संजू की है, जो न सिर्फ अपनी शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त कर रही है, बल्कि अपने समुदाय के बच्चों को भी शिक्षा की राह पर अग्रसर कर रही है। संजू का मानना है कि जीवन में कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती जब इरादे मजबूत हों। अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में बीए सेकंड ईयर की छात्रा संजू ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शानदार अंक हासिल किए।
संघर्षों के बावजूद, संजू ने अपनी पढ़ाई की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी। झुग्गी-झोंपड़ी में रहने के बावजूद, वह प्रतिदिन अपने बस्ती के बच्चों को दो घंटे नि:शुल्क पढ़ाती है। उसकी क्लास में एक दर्जन से अधिक बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
संजू का सपना है कि वह सरकारी सेवा में जाए और अपने समुदाय के लिए बदलाव लाए। इसके साथ ही, वह एक एनजीओ से जुड़कर समाज में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है।
संजू की पढ़ाई और घर का खर्च उठाने के लिए वह एक निजी अस्पताल में काम करती है। इस कठिन संघर्ष में उसकी मां ने भी उसकी मदद की। संजू की मां ने सड़क पर कबाड़ इकट्ठा कर उसे बेचा और बेटी की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाए।
संजू की दो बहनें पांचवीं तक पढ़ाई कर चुकी हैं, और एक भाई 12वीं में पढ़ाई कर रहा है। संजू की कहानी आज अपने समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
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Updated on:
12 Jan 2026 09:18 am
Published on:
12 Jan 2026 08:34 am

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