
representative picture (patrika)
अलवर एडीजे कोर्ट संख्या 2 की न्यायाधीश रिद्धिमा शर्मा ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। लोक अभियोजक महेश मीणा ने बताया कि 5 दिसंबर, 2021 की रात एमआइए थाना क्षेत्र के बंजीरका गांव निवासी शाकिर ने दहेज के लिए अपनी पत्नी मनीषा उर्फ बस्सा की चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद मृतका के गले से सोने की हंसली निकालकर घटना को लूटपाट का रूप देने की कोशिश की। जांच में मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह और 31 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए गए, जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ दोषसिद्ध होने पर उसे सजा सुनाई गई है।
मृतका मनीषा की 28 अक्टूबर, 2020 को बंजीरका निवासी शाकिर के साथ शादी हुई थी। आरोपी शाकिर टैंट हाउस पर काम करता था। पांच दिसंबर की रात को वह काम से घर से लौटा, उसने पहले अपनी पत्नी मनीषा उर्फ बस्सो के साथ मारपीट की। फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसकी सोने की हंसली लेकर वापस टैंट हाउस पर चला गया। अगले दिन उसने पीहर पक्ष को सूचना दिए बिना शव को सुपुर्द ए खाक करने की तैयारी शुरू कर दी।
इस बीच गांव के किसी व्यक्ति ने मृतका के पिता कल्लू खान को फोन कर बेटी मौत की सूचना दी। जिसके बाद मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे, तो शव पर चोटों के निशान देखकर उन्हें हत्या का संदेह हुआ। इसके बाद मृतका के पिता ने थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया। मामले की जांच के दौरान घटना के दौरान मृतका के पति के मोबाइल की लोकेशन घर पर मिली। जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
मृतका के पिता कल्लू खान ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी में 80 हजार रुपए की नकदी और बाइक सहित सारा सामान दहेज में दिया था। लेकिन बाद में उसका पति शाकिर दहेज पति 5 लाख रुपए की नकदी और बोलेरो की मांग करने लगा। इसको लेकर उसकी बेटी के साथ मारपीट के बाद उसकी हत्या कर दी।
Published on:
22 Jan 2026 11:26 am
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