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भारत, Jul 03, 2025

गुरुवार को करें ये खास उपाय, चमक सकता है भाग्य

Guruvar Ka Upay: आप में से कई लोग होंगे जो लाख कोशिशों के बाद भी अच्छा परिणाम नहीं हासिल कर पा रहे होंगे। ऐसे लोग गुरुवार का ये उपाय आजमा सकते हैं। मान्यता है कि इससे भाग्य चमक सकता है (Guruvar Ka Vrat Puja Vidhi)।

Guruvar Ka Upay

Guruvar Ka Vrat: गुरुवार व्रत पूजा विधि (Photo Credit: Pixabay)

Guruvar Ka Vrat Remedy : गुरुवार को भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ और व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में बुद्धि, वाणी और व्यापार में वृद्धि होती है।


कब शुरू कर सकते हैं गुरुवार का व्रत (When Start Guruvar Vrat)

अग्नि पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार गुरुवार के दिन व्रत रखने से धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस व्रत को किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू कर सकते हैं। व्रत 16 गुरुवार तक करना चाहिए।
व्रत रखने के लिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करने और पीले फल और पीले फूलों का दान करने से भी लाभ होता है।

गुरुवार के इस उपाय से पूरी होती है मनोकामना (Guruvar Upay)

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को हल्दी चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन विद्या की पूजा करने से भी ज्ञान में वृद्धि होती है। गुरुवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न और धन का दान करने से भी पुण्य प्राप्त होता है।

गुरुवार व्रत पूजा विधि (Guruvar Vrat Puja Vidhi))

1.मान्यता है कि केले के पत्ते में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए गुरुवार के दिन केले के पौधे की पूजा की जाती है।

2. इस दिन व्रत शुरू करने के लिए आप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें।

3. एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।

4. फिर केले के वृक्ष की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का चढ़ाकर भगवान विष्णु की पूजा करें।

5. दीपक जलाएं और कथा सुनें और भगवान बृहस्पति भगवान की आरती करें। उसके बाद आरती का आचमन करें।

6. इस दिन पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

ये भी पढ़ेंः बुधवार व्रत से मिलता है बुद्धि और ज्ञान, जानें विधि और उद्यापन का सही समय

3 जुलाई 2025 को मुहूर्त

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि (दोपहर के 2 बजकर 6 मिनट तक) 3 जुलाई को पड़ रही है। इसी दिन सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे, वहीं चंद्रमा कन्या राशि से तुला में प्रवेश करेंगे। दृक पंचांगानुसार 3 जुलाई को अष्टमी तिथि सुबह 2 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, फिर उसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

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