
डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई से पूरी दुनिया दहशत में है। (PC:AI)
Donald Trump next target: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) को बंधक बनाना, इस सवाल को जन्म दे रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का अगला टारगेट कौन है? कई देश वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई से दहशत में हैं। यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप के रिश्ते कई देशों से अच्छे नहीं हैं। ट्रंप समय-समय पर उन्हें चेतावनी भी देते रहे हैं। ऐसे में अब उन देशों को यह डर सता रहा है कि कहीं अमेरिका उनके खिलाफ वेनेजुएला जैसी कार्रवाई को अंजाम न दे डाले। वेनेजुएला पर हमले से ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि वह केवल गरजते नहीं हैं, बरसने की भी ताकत रखते हैं। ट्रंप ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व की सफलता से बेहद उत्साहित हैं और उनका यह उत्साह दुनिया में एक नई टेंशन को जन्म दे सकता है।
मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने निशाने पर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 5 देश हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड, ईरान, क्यूबा, मैक्सिको और कोलंबिया पर मिलिट्री कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ट्रंप पहले भी कई बार इन देशों के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। अब जब उन्होंने वेनेजुएला पर हमला बोलकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी वाइफ को बंधक बना लिया है, तो इन सभी देशों की टेंशन बढ़ना लाजमी है। हालांकि, ट्रंप के लिए इन्हें निशाना बनाना आसान नहीं होगा। खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, लेकिन ट्रंप कब, क्या करेंगे कोई नहीं जानता। वेनेजुएला पर हमले का दुनिया ने विरोध किया है, मगर विरोध के स्वर बेहद मंद हैं, इससे डोनाल्ड ट्रंप का उत्साह बढ़ा है।
डोनाल्ड ट्रंप का अगला टारगेट डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड हो सकता है। निकोलस मादुरो को बंधक बनाने के तुरंत बाद ट्रंप ने कहा, 'हमें ग्रीनलैंड चाहिए। इसका हमारे के लिए रणनीतिक महत्व है। ग्रीनलैंड के चारों ओर रूसी और चीनी जहाज़ मौजूद हैं। हमें नेशनल सिक्योरिटी के नजरिए से ग्रीनलैंड चाहिए। डेनमार्क इसे ठीक से सुरक्षित नहीं रख पाएगा'। दरअसल, डेनमार्क और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक रक्षा समझौते के तहत ग्रीनलैंड में यूएस का Pituffic बेस है। यह कोल्ड वॉर के समय की डिफेंस डिटेक्शन साइट और स्पेस स्टेशन है, जिसे इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) का पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रंप के सलाहकारों का मानना है कि इस बेस को मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा, ग्रीनलैंड का दुर्लभ खनिज भंडार भी अमेरिका को प्रभावित कर रहा है। यहां रेयर अर्थ एलिमेंट्स, लिथियम, निकल, ग्रेफाइट और प्लेटिनम ग्रुप मेटल्स जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में हैं, जो ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी हैं। इसलिए डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे के संकेत दे रहे हैं।
कैरिबियन द्वीप क्यूबा को लंबे समय से रूस का सपोर्ट मिला हुआ है। इसे वेनेजुएला का करीबी दोस्त माना जाता है और यह इस द्वीप समूह के सबसे गरीब देशों में से एक है। क्यूबा में 1961 से कम्युनिस्ट शासन है और इसी वजह से अमेरिका के साथ उसकी दुश्मनी बढ़ी है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि मादुरो के वेनेजुएला की सत्ता से हटने के बाद क्यूबा दिवालिया हो जाएगा। उन्होंने हाल ही में कहा था कि क्यूबा अब गिरने के लिए तैयार है। वहीं, क्यूबा ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई का विरोध किया है। उसने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को भी खतरा है। अमेरिका ने पिछले साल ईरान पर हमला करके उसके कई न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन को नष्ट कर दिया था। हाल ही में ईरानी रियाल में गिरावट के बाद शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था - हम पूरी तरह तैयार हैं और जाने के लिए तैयार हैं। ईरान ने ट्रंप के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि वह बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा। जानकार मानते हैं कि ईरान पर वेनेजुएला जैसी कार्रवाई के परिणाम घातक हो सकते हैं। इससे खाड़ी देशों में एक नए संघर्ष की शुरुआत हो सकती है।
कोलंबिया पर भी खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या कोलंबिया के खिलाफ कोई ऑपरेशन शुरू किया जाएगा, तो उन्होंने कहा - हमें अच्छा लगेगा। ट्रंप, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को नापसंद करते हैं। वह कहते आए हैं कि यह देश एक बीमार आदमी द्वारा चलाया जा रहा है, जिसे कोकीन बनाना और उसे यूनाइटेड स्टेट्स को बेचना पसंद है। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि कोलंबिया ऐसा ज्यादा समय तक नहीं कर पाएगा। एक्स्पर्ट्स का मानना है कि अमेरिका ड्रग्स का हवाला देते हुए कोलंबिया पर हमला कर सकता है। निकोलस मादुरो के खिलाफ भी उसने यही आरोप लगाए हैं।
मेक्सिको भी डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर आ सकता है। ट्रंप काफी समय से मेक्सिको पर ड्रग्स और अपराध को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने अमेरिका में बढ़ते माइग्रेशन के लिए भी मेक्सिको को कुसूरवार ठहराया है। कुछ वक्त पहले उन्होंने कहा था - मेक्सिको के साथ कुछ करना होगा। इस देश को अपनी स्थिति सुधारनी होगी और ड्रग ट्रैफिकिंग से लड़ाई में बेहतर परिणाम देने होंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह कई बार मेक्सिको को अमेरिकी सैन्य सहायता देने की पेशकश कर चुके हैं, लेकिन वहां की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum डरी हुई हैं। मेक्सिको पर हमले की संभावना इसलिए भी अधिक है, क्योंकि उसके पलटवार करने की उम्मीद कम है। एक्स्पर्ट्स मानते हैं कि ट्रंप ड्रग्स सिंडिकेट को खत्म करने के बहाने से मेक्सिको में स्पेशल फोर्सेज भेज सकते हैं।
Updated on:
06 Jan 2026 10:44 am
Published on:
06 Jan 2026 10:37 am
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