
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)
अमेरिका में फेडरल अधिकारियों ने इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान के दौरान नए साल में दो आम नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस पर मिनेसोटा राज्य और स्थानीय एजेंसियों द्वारा दायर मुकदमे के बाद अमेरिकी फेडरल जज ने एक इमरजेंसी आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने फेडरल अधिकारियों को मिनियापोलिस के एक निवासी की फेडरल इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा की गई जानलेवा गोलीबारी से संबंधित सभी सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
बता दें कि दक्षिण मिनियापोलिस में एक इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान के दौरान 37 वर्षीय एलेक्स जेफरी प्रीटी को गोली मार दी गई थी।
जिसके बाद मिनेसोटा जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय के जज एरिक सी टोस्ट्रुड ने शनिवार देर रात यह अस्थायी रोक आदेश दिया।
यह आदेश ट्रंप प्रशासन के एफबीआई और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी सहित प्रतिवादियों को सबूतों को नष्ट करने या बदलने से रोकता है, लेकिन खास बात यह है कि इसमें कंटेंट को तुरंत राज्य के जांचकर्ताओं को सौंपने की जरुरत नहीं है।
यह मुकदमा मिनेसोटा ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल एप्रिहेंशन (बीसीए) और हेनेपिन काउंटी अटॉर्नी के कार्यालय द्वारा दायर किया गया था। जिसका प्रतिनिधित्व मिनेसोटा अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने किया। इस मामले में सोमवार दोपहर को सुनवाई तय है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बीसीए के सुपरिटेंडेंट ड्रू इवांस ने एक शपथ पत्र में कहा कि डीएचएस के फेडरल एजेंटों ने स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 9:30 बजे बीसीए के पहुंचने के बाद राज्य के जांचकर्ताओं को घटनास्थल तक पहुंचने से रोक दिया।
स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:54 बजे मिनेसोटा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज द्वारा हस्ताक्षरित सर्च वारंट मिलने के बाद भी संघीय एजेंटों ने उन्हें घटनास्थल पर जाने से रोका।
इवांस ने कहा कि बीसीए में अपने 20 से ज्यादा सालों में उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा था कि संघीय अधिकारी किसी ऐसी घटना में एजेंसी की पहुंच को रोक रहे हों, जहां संघीय और राज्य दोनों का अधिकार क्षेत्र लागू होता हो।
उधर, राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज ने शिकायत की कि अपराध स्थल को बंद करना, सबूतों को हटाना, अदालत के आदेश की अवहेलना करना और किसी को भी इसे देखने की अनुमति नहीं देना, यह अमेरिका में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
इस जानलेवा घटना ने संघीय सरकार और स्थानीय गवाहों के बीच तीखे विरोधाभासी बयान पैदा किए हैं, जिन्होंने घटनास्थल पर प्रीटी की मौत को रिकॉर्ड किया था।
ट्रंप प्रशासन की ओर से फेडरल अधिकारियों के बचाव में कहा गया है कि एक अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल एजेंट ने एक ऐसे व्यक्ति को गोली मारी है, जिसके पास हैंडगन थी और उसने हथियार छीनने की कोशिशों का विरोध किया। वह बड़ा करने वाला था।
हालांकि, ऑनलाइन पोस्ट किए गए राहगीर के वीडियो संघीय बयान के विपरीत दिखते हैं। फुटेज में मृतक एक मोबाइल फोन पकड़े हुए दिख रहा है, जब वह एक महिला की मदद करने की कोशिश कर रहा था जिसे संघीय एजेंटों ने ज़मीन पर धकेल दिया था।
किसी भी फुटेज में उसके हाथ में कोई हथियार नहीं दिख रहा है। वीडियो में दिखाया गया है कि कई गोलियां चलाने से पहले प्रीटी पर पेपर स्प्रे किया गया और उसे जमीन पर गिरा दिया गया। एक पारिवारिक बयान में, मृतक के रिश्तेदारों ने संघीय दावों को निंदनीय और घिनौना बताया।
इससे पहले, 7 जनवरी को फेडरल अधिकारी ने प्रवर्तन अभियान के दौरान एक अमेरिकी महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसको लेकर राज्य में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए।
Published on:
26 Jan 2026 08:58 am
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