
अमेरिका ने वेनेजुएला में एक सीक्रेट हथियार का इस्तेमाल किया था। (PC: AI)
US secret weapon Active Denial System: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Venezuelan President Nicolas Maduro) को पकड़ने के ऐतिहासिक ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एक सीक्रेट हथियार का इस्तेमाल किया। यह हथियार इतना शक्तिशाली है कि किसी भी देश की सेना को बिना लड़े हथियार डालने पर मजबूर कर सकता है और वेनेजुएला के सैनिकों के साथ भी यही हुआ। जैसे ही अमेरिकी कमांडो ने इसका इस्तेमाल किया, वेनेजुएला के जवान अपना सिर पकड़कर बैठ गए। उनकी नाक से खून बहने लगा, उन्हें ऐसा लगा मानो कोई जोर-जोर से उनका सिर पीट रहा हो।
अमेरिका के इस खतरनाक हथियार का नाम है एक्टिव डिनायल सिस्टम (Active Denial System)। मेट्रो यूके की रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम में साउंड बीम का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे उनका सिर फट रहा है। यूएस अटैक के समय ड्यूटी पर तैनात वेनेजुएला के एक गार्ड ने बताया कि जब अमेरिकी सेना मादुरो को पकड़ने आई, तो उसने कुछ ऐसा लॉन्च किया, जिसने सभी को घुटनों पर ला दिया। यह एक बहुत तेज साउंड वेव जैसा था। अचानक हमें लगा कि जैसे सिर के अंदर कुछ फट रहा है। वो असहनीय था, हम कुछ भी कर पाने में असमर्थ हो गए थे।
गार्ड ने आगे कहा -'हम सभी की नाक से खून बहने लगा। कुछ लोग खून की उल्टी कर रहे थे। हम जमीन पर गिर गए, हिल भी नहीं पा रहे थे। कुछ देर बाद भी हमारे लिए अपने पैरों पर खड़े होना मुश्किल था'। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में इंटरनेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम के सीनियर एडवाइजर मार्क कैंसियन ने बताया कि एक्टिव डिनायल सिस्टम साउंड वेव्स भेजता है, जिससे सिर में भयानक दर्द होने लगता है। दर्द इतना असहनीय होता है कि सामने वाले को लगता है कि कोई उसके सिर पर हथौड़े से वार कर रहा है। इससे नाक से खून निकलना या खून की उल्टी होना स्वाभाविक है। ADS के इस्तेमाल के बाद भी इसका असर काफी समय तक मौजूद रहता है।
अमेरिकी सेना पहले भी इस तरह के हथियार का इस्तेमाल कर चुकी है, लेकिन यह पहला मौका है जब हमले के समय इसे उपयोग में लाया गया। रिपोर्ट बताती है कि चीन भी ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कर चुका है। 2020 में चीन ने हिमालय क्षेत्र से भारतीय सैनिकों को पीछे हटाने के लिए पहाड़ियों को 'माइक्रोवेव ओवन' में बदल दिया था। चीनी प्रोफेसर जिन कैनरोंग का दावा है कि जब पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने एक सीक्रेट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार का इस्तेमाल किया, तो भारतीय सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि चीनी सेना ने एक भी गोली नहीं चलाई, लेकिन भारतीय जवानों पर रेडिएशन किरणें छोड़कर उन्हें पीछे हटने को मजबूर कर दिया। इन किरणों से उनकी त्वचा गर्म हो गई और उन्हें दर्द-जलन हुई।
Updated on:
13 Jan 2026 11:27 am
Published on:
13 Jan 2026 11:23 am
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