
घातक हवाई हमले के बीच यूक्रेन-रूस-अमेरिका वार्ता समाप्त
यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में हुई त्रिपक्षीय शांति वार्ता शनिवार को अबू धाबी में समाप्त हो गई, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हुआ। वार्ता के ठीक बाद रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए। हमले से कीव की बिजली ग्रिड बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे करीब 12 लाख संपत्तियां बिजलीविहीन हो गईं और -10 डिग्री सेल्सियस की ठंड में 6,000 इमारतों में हीटिंग बंद हो गई।
वार्ता शुक्रवार को शुरू हुई और शनिवार को समाप्त हुई। यह युद्ध शुरू होने के बाद रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच पहली प्रत्यक्ष त्रिपक्षीय बैठक थी। अमेरिका की मध्यस्थता में हुई इन बातचीतों में क्षेत्रीय मुद्दों, खासकर पूर्वी यूक्रेन के डोनबास (डोनेत्स्क और लुहांस्क) पर फोकस रहा, लेकिन कोई स्पष्ट प्रगति नहीं दिखी। रूस ने मांग की कि यूक्रेन ने पूर्वी क्षेत्रों से अपनी सेना हटाई जाए, जो रूस ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दावोस में कहा था कि शांति समझौता 'लगभग तैयार' है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि यूक्रेन कोई भूमि नहीं छोड़ेगा, खासकर पूर्वी हिस्से की।
वार्ता समाप्त होने के कुछ घंटों बाद रात में रूस ने 375 ड्रोन और 21 मिसाइलों से हमला किया, जिसका मुख्य निशाना यूक्रेन की ऊर्जा संरचना थी। कीव और खार्किव दोनों शहर प्रभावित हुए। यूक्रेन की वायुसेना ने पुष्टि की कि हमले में बिजली संयंत्रों और सबस्टेशनों को निशाना बनाया गया। ठंड के मौसम में लाखों लोग बिना बिजली और हीटिंग के रह गए, जिससे मानवीय संकट गहरा गया। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इसे 'सनकी' कार्रवाई बताया और कहा कि रूस बातचीत के दौरान भी हमले जारी रख रहा है।
वार्ता से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर से लंबी बातचीत की, जहां रूस ने डोनबास पर अपनी मांग दोहराई। ज़ेलेंस्की ने कहा, "यह सब हमारे देश के पूर्वी हिस्से के बारे में है, भूमि के बारे में है।" यूएई सरकार ने अबू धाबी वार्ता को 'रचनात्मक और सकारात्मक' बताया, जहां दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद हुआ। अगली दौर की बातचीत अगले सप्ताह अबू धाबी में ही होगी।
यह हमला वार्ता की गंभीरता पर सवाल उठाता है। यूक्रेन का कहना है कि रूस शांति की बजाय दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी दूत विटकॉफ ने सकारात्मक लहजे में बात की, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनबास जैसे मुद्दे हल नहीं होने से प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। यह घटना युद्ध में जारी हिंसा और कूटनीति के बीच के विरोधाभास को उजागर करती है। लाखों यूक्रेनी नागरिकों के लिए ठंड और अंधेरे में गुजरने वाली रातें और दुखद बन गईं।
Published on:
24 Jan 2026 10:54 pm
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