भारत, May 30, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-IANS)
Trump on iran naval blockade: व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ के साथ बैठक की। ईरान पर अंतिम फैसले को लेकर मीटिंग हुई, लेकिन बैठक के बाद कोई फैसला घोषित नहीं किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीटिंग से पहले कहा था कि यह बैठक उन्हें अंतिम निर्णय लेने में मदद करेगी।
मीटिंग खत्म होने के बाद व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि चर्चा लगभग दो घंटे तक चली और फिर समाप्त हो गई। अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे, जो अमेरिकी हितों के लिए अच्छा होगा और रेड लाइन्स को पूरा करता हो। उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता है।
ट्रंप ने सिचुएशन रूम में जाने से पहले कहा था कि इस बैठक का उद्देश्य अंतिम निर्णय लेना है। उन्होंने ईरान अमेरिका युद्ध खत्म करने को लेकर ऐसी शर्तें भी बताई, जिनकी उन्हें उम्मीद थी कि ईरान संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से किसी भी संभावित समझौते के हिस्से के रूप में स्वीकार करेगा। ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान को यह स्वीकार करना होगा कि वे कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं रखेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत, बिना किसी टोल के आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोल देना चाहिए। पानी में बिछाई गई माइन्स को हटा देना चाहिए। वैसे भी हमने ईरानी सेना द्वारा बिछाई गई कई माइन्स को पहले ही हटा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने कहा कि हम बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकेंगे। अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी टेलीविज़न को बताया कि तेहरान ने 47 साल पहले ही जरूर वाली भाषा को अलविदा कह दिया था। जब पश्चिमी पक्ष इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बारे में बात करते हैं, तो उनमें से कोई भी 'जरूर' वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हम ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों के आधार पर अपने फैसले खुद लेते हैं।
बघाई ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि परमाणु मुद्दे पर हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए बघाई ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में आता है। बघाई ने कहा कि ऐसे तंत्र बनाए जाने चाहिए जो देशों के हितों व सुरक्षा की रक्षा करें। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए सुरक्षित मार्ग भी सुनिश्चित करें।
Published on: 30 May 2026 07:40 am

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